Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में जलवायु संकट के बढ़ते प्रभाव के बीच अब प्रशासन और आम जनता दोनों को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। पिछले कुछ समय में आई तेज आंधियों और असामान्य मौसमीय घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब हम "जलवायु परिवर्तन" के दौर से आगे बढ़कर "जलवायु संकट" के युग में प्रवेश कर चुके हैं। जहां हर प्राकृतिक घटना अधिक तीव्र, अधिक असामान्य और अधिक खतरनाक होती जा रही है।
शहर में विज्ञापन फ्लेक्स और होर्डिंग बन रहे खतरे का कारण
दिनांक 10 जून 2025 को आई भीषण आंधी ने राजधानी रायपुर को एक बार फिर संकट में डाल दिया। तेज हवाओं की वजह से शहर के कई हिस्सों में लगे विज्ञापन फ्लेक्स और होर्डिंग उखड़कर उड़ने लगे। इनमें से कई टुकड़े बिजली की हाई वोल्टेज लाइन पर गिर पड़े, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

शंकर नगर में 33 केवी लाइन पर गिरा फ्लेक्स, पूरी रात रही बिजली गुल
शंकर नगर चौक से आई एक फोटो में स्पष्ट दिख रहा है कि आंधी के दौरान एक बड़ा फ्लेक्स का टुकड़ा उड़ते हुए 33 केवी लाइन पर गिर पड़ा। इससे क्षेत्र की बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई। बिजली कंपनी के कर्मचारियों के अनुसार, सिर्फ शंकर नगर क्षेत्र में ही लगभग 35 स्थानों पर फ्लेक्स हटाने का कार्य किया गया। रात 1 बजे तक बिजली लाइनों को साफ किया गया, तब जाकर रात 2 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकी।
गर्मी, उमस और अंधेरे में लोगों को झेलनी पड़ी तकलीफ
बिजली आपूर्ति बाधित होने से हजारों घरों में रात भर बिजली नहीं रही। उमस भरी गर्मी और मच्छरों के बीच लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह स्थिति और भी अधिक कष्टकारी रही। कई घरों में खाना पकाना तक संभव नहीं हो सका। यह सब हुआ महज कुछ लापरवाहियों और अनुमतिहीन होर्डिंग्स के कारण।
1 मई की आंधी में भी उजागर हुई थी लापरवाही
यह पहला मामला नहीं है जब फ्लेक्स और होर्डिंग शहर के लिए खतरा बने हों। 01 मई 2025 को आई आंधी में देवेंद्र नगर स्थित एक शेड पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था, साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल प्लाजा भी गिर पड़ा था। यह सब घटनाएं एक ही ओर इशारा करती हैं – जलवायु संकट का खतरा अब द्वार पर नहीं, हमारे बीच है।
Tags: