Balrampur. बलरामपुर। जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला बालक आश्रम, जिगड़ी में कक्षा पांचवीं के छात्र के साथ मारपीट के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में छात्र के साथ प्रधान पाठक द्वारा बांस की छड़ी से मारपीट किए जाने की घटना प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद प्रधान पाठक विपता राम रवि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
जांच में दर्ज किए गए कई लोगों के बयान
मामले की जांच के दौरान संबंधित छात्र जनक लाल, उसके भाई बाबूलाल, अन्य विद्यार्थियों, शिक्षक उमेश कुमार महंत और प्रधान पाठक विपता राम रवि के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा जांच टीम ने विद्यालय का पंचनामा तैयार किया और दैनिक छात्र उपस्थिति पंजी का भी परीक्षण किया। उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर जांच अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को कक्षा पांचवीं के छात्र जनक लाल के साथ प्रधान पाठक विपता राम रवि द्वारा बांस की छड़ी से मारपीट किए जाने की घटना प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गई।



 




उपस्थिति पंजी में भी मिली विसंगति
जांच के दौरान विद्यालय की छात्र उपस्थिति पंजी में भी कुछ विसंगतियां सामने आईं। विभाग के अनुसार, घटना वाले दिन छात्र को अनुपस्थित दर्ज किए जाने के संबंध में रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। शिक्षा विभाग ने माना कि इस तरह का व्यवहार विद्यार्थियों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था के नियमों के खिलाफ है। विभाग के अनुसार, शिक्षक द्वारा छात्र के साथ मारपीट करना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। जिला शिक्षा विभाग ने बताया कि प्रधान पाठक का यह कृत्य बालकों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17(1) के प्रावधानों के विपरीत है। इसके साथ ही इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत भी गंभीर कदाचार माना गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि में मुख्यालय तय
निलंबन के बाद प्रधान पाठक विपता राम रवि का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, वाड्रफनगर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में इस तरह के मामले सामने आते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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