Raipur. रायपुर। रायपुर के तात्यापारा वार्ड 37, जोन 7 का हाल पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब होता जा रहा है। हाल ही में हुई मात्र आधे घंटे की तेज बारिश ने यहां की खराब सफाई व्यवस्था और नालियों की बदहाली को पूरी तरह उजागर कर दिया। अमापारा रोड के पुराने बाजार के सामने की सड़कें और आसपास के इलाके बारिश के पानी और नाली की गंदगी से भर गए। इस वजह से स्थानीय लोगों को न सिर्फ सड़कों पर चलने में दिक्कत हो रही है, बल्कि बदबू और गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी भी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। आधा घंटा बरसते ही नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ गया और आसपास की गलियां कीचड़ और गंदगी में डूब गईं। तात्यापारा वार्ड की जनता का कहना है कि नगर निगम की ओर से सफाई का उचित इंतजाम नहीं होने के कारण नालियां पूरी तरह जाम हो गई हैं, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है। इसके कारण पानी बाहर आकर सड़कों पर तालाब की शक्ल बना रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, "बारिश इतनी थोड़ी हुई लेकिन सारा पानी नालियों में नहीं जा पाया, नालियों में जमा कचरा और गंदगी पानी के बहाव को रोक रही है। हमने कई बार नगर निगम से शिकायत की लेकिन कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई।" वहीं, दूसरी ओर लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि जोन 7 की ऑफिस जहां स्थित है, वहां की सफाई और व्यवस्था इतनी खराब है कि कार्यालय से महज 300 मीटर की दूरी पर पानी जमा होकर तालाब बन गया है। स्थानीय व्यापारी भी इस समस्या से काफी परेशान हैं। अमापारा रोड के पुराने बाजार के दुकानदारों ने बताया कि बारिश के बाद यहां की हालत बेहद खराब हो जाती है। नालियों के ओवरफ्लो और गंदगी के कारण उनके यहां आने वाले ग्राहक भी असुविधा महसूस करते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नगर निगम से तत्काल सफाई और नालियों की मरम्मत करने की मांग की है।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वे नियमित सफाई कर रहे हैं, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि अचानक हुई बारिश और बढ़े हुए कचरे के कारण नालियों में पानी भर गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई का दायरा बहुत सीमित है और नियमित सफाई की बजाय केवल औपचारिकतावश काम किया जाता है। नालियों में जमा कचरे को हटाने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बार-बार उत्पन्न होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी गंदी नालियां और पानी का जमाव मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है। इस स्थिति में सफाई व्यवस्था का सुधार और नालियों का नियमित रख-रखाव आवश्यक है। अगर नगर निगम ने तात्कालिक तौर पर इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यहां पर और अधिक स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। यहां के नागरिक अब इस समस्या को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं और नगर निगम से जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था में सुधार, नालियों की सफाई, जाम नालियों की मरम्मत तथा नालियों के निकासी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।