सशस्त्र माओवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में निर्णायक कार्रवाई कर रही है सरकार: विजय शर्मा

छग

Update: 2026-01-26 16:03 GMT
Ambikapur. अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य सरकार सशस्त्र माओवाद के पूर्ण खात्मे के लिए निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता देता है, लेकिन हथियार उठाकर हिंसा फैलाने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों की अभिव्यक्ति का मार्ग खुला है, पर हिंसा और आतंक के लिए कोई स्थान नहीं है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने ठोस रणनीति और सुरक्षा बलों की बहादुरी के बल पर माओवाद के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल की है।

उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ से सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में हथियार लेकर घूमने, पुल-पुलियों के नीचे आईईडी लगाने, तालाबों और नदी किनारों पर विस्फोटक बिछाने तथा स्कूलों जैसे सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाने वाली गतिविधियां अब बीते दौर की बात बनेंगी। गृहमंत्री ने कहा कि माओवाद के खात्मे के बाद बस्तर अंचल विश्व पटल पर एक नई पहचान के साथ उभरेगा। क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और वर्षों से व्याप्त भय का वातावरण पूरी तरह समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर की अपार संभावनाएं अब सामने आएंगी और क्षेत्र समृद्धि की राह पर आगे बढ़ेगा। बीजापुर जिले के कर्रेगट्टा पहाड़ी क्षेत्र में हुए हालिया आईईडी विस्फोट पर गृहमंत्री ने बताया कि यह इलाका पहले माओवादियों का मजबूत गढ़ रहा है।

जिसे सुरक्षा बलों ने साहसिक अभियान के जरिए ध्वस्त किया था। उस दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए विस्फोटकों के अलावा हाल ही में कुछ नए आईईडी प्लांट किए गए थे, जिसकी चपेट में सुरक्षा बलों के नौ जवान आ गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं और उनका बेहतर उपचार किया जा रहा है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई केवल हथियारों से नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदनशील प्रशासन से भी लड़ी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर के उन गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जहां आजादी के बाद कभी राष्ट्रीय ध्वज नहीं लहराया गया था। यह उपलब्धि सुरक्षा बलों की वीरता और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दृढ़ संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर के अंतिम गांव तक तिरंगा फहराना और हर नागरिक तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़ ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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