सड़क हादसों के घायलों की जान बचाने वाले राह-वीरों का सम्मान, मिले 25-25 हजार रुपये
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Surguja. सरगुजा। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वाले नेक नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरगुजा रेंज पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। भारत सरकार की राह-वीर योजना के तहत सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन नागरिकों को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है। सरगुजा रेंज पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, सड़क दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय यानी गोल्डन ऑवर घायल व्यक्ति के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान यदि घायल को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से आम नागरिकों को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई राह-वीर योजना के तहत उन लोगों को सम्मानित किया जाता है, जो बिना किसी डर और स्वार्थ के सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल या ट्रामा सेंटर पहुंचाने में मदद करते हैं। हाल ही में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के जिला कोरिया दौरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले दो गुड सेमेरिटन नागरिकों के प्रयासों की सराहना की गई। पुलिस महानिदेशक ने उनके नेक कार्य की प्रशंसा करते हुए सड़क सुरक्षा मितान अभियान के तहत 70 लोगों को फर्स्ट एड किट बैग का वितरण भी किया।
इसी क्रम में जिला जशपुर में भी सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया गया। जशपुर के प्रियांश भगत और श्रवण कुमार ने अलग-अलग सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर अस्पताल और ट्रामा सेंटर पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की। जशपुर पुलिस ने दोनों गुड सेमेरिटन नागरिकों को राह-वीर योजना के तहत 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सरगुजा और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में भी सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को इस योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई है। सरगुजा जिले के प्रताप दास और एमसीबी जिले के विनोद साहू, मोहम्मद जाकिर एवं शाहनवाज ने सड़क हादसों में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन नागरिकों के सराहनीय कार्य को देखते हुए संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज तैयार कर राह-वीर योजना के तहत प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा रेंज के अन्य जिलों में भी ऐसे नागरिकों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने आम जनता से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने से लोग डरें नहीं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद समय पर उपचार मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
आईजी ने कहा कि घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल या ट्रामा सेंटर तक पहुंचाने में सहयोग करना एक मानवीय और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे नेक कार्य करने वाले नागरिकों को भविष्य में भी राह-वीर योजना के अंतर्गत सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस विभाग का उद्देश्य है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को कम किया जाए और आम लोगों में मदद करने की भावना को बढ़ावा दिया जाए। कई बार दुर्घटना के बाद लोग कानूनी कार्रवाई या अन्य परेशानियों के डर से घायल व्यक्ति की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। इसी डर को दूर करने के लिए सरकार ने गुड सेमेरिटन योजना शुरू की है। राह-वीर योजना के माध्यम से सरकार और पुलिस लोगों को यह संदेश देना चाहती है कि किसी की जिंदगी बचाने से बड़ा कोई कार्य नहीं है। सड़क हादसे के समय कुछ मिनटों की मदद किसी व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है। सरगुजा रेंज पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं। ऐसे नागरिक समाज के लिए प्रेरणा हैं और उन्हें सम्मानित करना पुलिस की जिम्मेदारी है।