सुशासन तिहार 2026 : लोगों की सुविधा और विकास पर फोकस

Update: 2026-05-26 04:59 GMT

रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के तहत साय सरकार ने लोगों की सुविधा और विकास को प्राथमिकता देते हुए कई जनहितकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। इस अभियान के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों को सक्रिय किया गया है। गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीधे जनता से जुड़कर उनकी शिकायतों का समाधान समय पर करें। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और विकास कार्यों में तेजी लाना बताया गया है। कई स्थानों पर जनसुनवाई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख रहे हैं।

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात

CM विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी। अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।


महासमुंद में बरगद पेड़ के नीचे सीएम साय की चौपाल

भीषण गर्मी के बीच आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनता की समस्याओं को जानने का काम कर रही है. इसके साथ ही सरकारी योजनाओं की हकीकत भी जान रही है. लोगों को राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं. सीएम ने कहा कि वे अब तक प्रदेश के 16 जिलों का दौरा कर चुके हैं और लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं.


मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना की जानकारी ली, जिस पर महिलाओं ने नियमित राशि मिलने की बात कही. देव कुमारी साहू ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली राशि अपनी बेटी के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं. वहीं चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के पांचवीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू के साथ सेल्फी लेकर बच्चों का उत्साह भी बढ़ाया. इस दौरान बिहान योजना से जुड़ी परी साहू ने बताया कि वे योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं और अब फैंसी और किराना दुकान संचालित कर रही हैं. वहीं मधु साहू ने मछली पालन के लिए गर्मी में पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने सोलर आधारित बोर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही.



 



सुशासन तिहार भीषण गर्मी के बावजूद हजारों ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ

बीजापुर जिले के कुटरु में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की परवाह न करते हुए हजारों की संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के त्वरित निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने शिविर पहुंचे।

दूरस्थ वनांचल की धामिनी को मिला आयुष्मान का सुरक्षा कवच, चिंतामुक्त हुआ भविष्य

कुछ समय पहले तक धामिनी और उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी मानसिक और आर्थिक चिंता बीमारी और उसके इलाज को लेकर थी। सीमित आय और संसाधनों के अभाव के कारण परिवार का कोई भी सदस्य बीमार पड़ता, तो पूरा परिवार गहरे आर्थिक संकट में घिर जाता था। गाँव से अस्पताल की लंबी दूरी, महँगा इलाज और आवश्यक सरकारी दस्तावेजों की सही जानकारी न होना उनकी इस परेशानी को कई गुना बढ़ा देता था। पैसों की तंगी और खर्च की चिंता में कई बार छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज भी टालना पड़ता था, जो बाद में गंभीर रूप ले लेती थीं।


गाँव पहुँचा प्रशासन, शिविर में ही बन गया ‘आयुष्मान कार्ड

धामिनी के परिवार की यह चिंता तब दूर हुई जब जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान प्रशासनिक टीम खुद उनके गाँव मोंगरा गहन पहुँची। श्सरकार आपके द्वार की भावना के साथ आयोजित इस विशेष शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की न केवल जानकारी दी गई, बल्कि मौके पर ही उनके दस्तावेज़ भी तैयार किए गए। इसी शिविर में धामिनी का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंपा गया। कार्ड हाथ में आते ही धामिनी के चेहरे पर जो राहत और खुशी दिखी, वह इस अभियान की वास्तविक सफलता को बयां कर रही थी। धामिनी ने कहा कि अब बीमारी की स्थिति में अस्पताल में इलाज कराना पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगा। इलाज के खर्च और आर्थिक परेशानी का जो बोझ हमेशा दिल पर रहता था, वह अब पूरी तरह कम हो गया है। हमारी सुध लेने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का बहुत-बहुत आभार, जिनकी योजनाएँ अब सचमुच हम जैसे जरूरतमंदों के घर तक पहुँच रही हैं।


तिरंगा आजिविका संगठन को मिला 60 हजार रुपये का चेक

राज्य शासन द्वारा मनाए जा रहे ’सुशासन तिहार’ के अवसर पर ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में संचालित ’बिहान’ (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इसी योजना के तहत आजीविका संवर्धन के लिए महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में, उड़ूमकेला के ’तिरंगा आजीविका ग्राम संगठन’ से जुड़ी स्वयं सहायता समूह महिलाओं को सुशासन तिहार के विशेष अवसर पर माइक्रो क्रेडिट प्लान (एमसीपी) के माध्यम से 60,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया। शासन की इस महती योजना का लाभ पाकर समूह की महिलाओं में भारी उत्साह है।


आजीविका के नए रास्ते तलाशेंगी समूह की महिलाएं

चेक प्राप्त होने के बाद सौम्या स्वयं सहायता समूह की सदस्य चंद्रकांता ने अपनी खुशी और योजना की सराहना करते हुए बताया कि इस 60,000 रुपये की राशि को समूह की सभी दीदियों के बीच उनकी आवश्यकतानुसार प्रदान किया जाएगा। इस पूंजी का उपयोग महिलाएं आजीविका के विभिन्न कार्यों जैसे कृषि कार्य, उन्नत पशुपालन, और मछली पालन में करेंगी। इन छोटे-छोटे और लाभकारी उद्यमों से जुड़कर समूह की महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी, बल्कि गांव में स्वरोजगार की शुरुआत कर आर्थिक रूप से सशक्त होगी।

सुशासन की चौपाल में किसानों को मिली राहत

विकासखंड कटेकल्याण में आयोजित शिविर में ग्रामीण किसानों को बड़ी राहत मिली, जहां लगभग 70 से अधिक किसानों को बी-1 दस्तावेज की प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराई गईं। राजस्व विभाग द्वारा शिविर स्थल पर ही किसानों के भूमि अभिलेखों का परीक्षण कर बी-1 दस्तावेज प्रदान किए गए। पहले ग्रामीणों को ऐसे दस्तावेजों के लिए तहसील कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सुशासन तिहार के माध्यम से गांव स्तर पर ही समाधान मिलने से किसानों में खुशी देखी जा रही है। बी-1 दस्तावेज प्राप्त होने से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, बैंक ऋण, फसल बीमा, सीमांकन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब प्रशासन गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।


सुदर्शन सिंह को मिला जमीन का कानूनी अधिकार

मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित सुशासन तिहार में ग्राम कछार निवासी सुदर्शन सिंह को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किया गया। अधिकार अभिलेख मिलते ही उनके चेहरे पर खुशी और संतोष झलक उठा। उन्होंने शासन, राजस्व विभाग एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी जमीन का कानूनी मालिकाना हक मिल गया है।

सुदर्शन सिंह ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से जिस भूमि पर निवास कर रहा था, उसके वैधानिक दस्तावेज न होने से हमेशा असुरक्षा की भावना रहती थी। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंक संबंधी कार्यों और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में कठिनाई होती थी। स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख मिलने के बाद अब उनका परिवार निश्चिंत और आत्मविश्वास से भरा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित समाधान कर रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और आम लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण हो रहा है। इससे ग्रामीणों का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

क्लब फुट से पीड़ित मासूम को मिला उपचार

ग्राम चंदागांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान मास्टर आरुष नेताम के परिजनों—पिता फूलसिंह नेताम एवं माता सोमनाई नेताम—ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि आरुष जन्म से ही दोनों पैरों की जन्मजात विकृति ‘क्लब फुट’ से पीड़ित है। इस कारण उसे चलने-फिरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आवेदन प्राप्त होते ही फरसगांव स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की। स्वास्थ्य विभाग के आरएमए प्रभास देबनाथ ने स्वयं बच्चे के घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर चिरायु टीम से समन्वय स्थापित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम एवं मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सतत प्रयास और लगातार फॉलोअप के परिणामस्वरूप मास्टर आरुष नेताम को रायपुर स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसका विशेष उपचार प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री की मंशानुसार सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन अब दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। यह पहल न केवल समस्याओं के निराकरण का माध्यम बन रही है, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई आशा और बेहतर भविष्य की राह भी खोल रही है।

अन्नप्राशन और गोद भराई से बना उत्सव जैसा माहौल

कोंटा विकासखंड के एर्राबोर में आयोजित क्लस्टर स्तरीय सुशासन शिविर में 10 पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल हुए। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के लिए अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षित मातृत्व और कुपोषण मुक्त समाज का संदेश दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम और सदस्य कोरसा सन्नू ने आम ग्रामीणों के साथ लाइन में खड़े होकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति सकारात्मक संदेश गया।

महिला समूहों को मिला 17.50 लाख रूपए का ऋण

शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कुल 17.50 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया। इसमें विभिन्न महिला समूहों को 13.50 लाख रूपए का ऋण दिया गया, जबकि सूरज समूह को 4 लाख रूपए का ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत अध्या, हंशिका, प्रतिभा, सरिता और गुलाब महिला समूहों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया।

5 महिलाओं को मिला “लखपति दीदी” सम्मान

शिविर का विशेष आकर्षण क्षेत्र की 5 महिलाओं को “लखपति दीदी” प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करना रहा। सोयम समशाद, सोढ़ी गंगी, बोड्डी मीना, रवा सुक्की और सेमला बजारी को आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सोयम समशाद को स्वयं का व्यवसाय बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण चेक भी प्रदान किया गया।

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