Raipur. रायपुर। थाना तेलीबांधा पुलिस द्वारा की गई उच्चकोटि की पेशेवर विवेचना और सशक्त जांच का परिणाम सामने आया है। नारकोटिक एक्ट के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। तेलीबांधा क्षेत्र से गांजा तस्करी के आरोपी रॉकी बबलानी को माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट न्यायालय श्रीमती किरण थवाईत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार दिनांक 18 जून 2020 को थाना तेलीबांधा क्षेत्र अंतर्गत शमशान घाट, शताब्दी नगर के पास पुलिस द्वारा गश्त एवं मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान आरोपी रॉकी बबलानी पिता मनसुख बबलानी, उम्र 30 वर्ष, निवासी डबरीपारा रविग्राम, थाना तेलीबांधा, रायपुर को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 03.100 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तेलीबांधा रायपुर में अपराध क्रमांक 183/2020, धारा 20(B)(ii)(B) नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत विवेचना प्रारंभ की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान, जब्ती पंचनामा, वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर मजबूत केस तैयार किया।
थाना तेलीबांधा पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर चालान माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट श्रीमती किरण थवाईत ने साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात यह पाया कि आरोपी द्वारा किया गया अपराध पूर्ण रूप से सिद्ध होता है। न्यायालय ने अपने दंडादेश में कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज और युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत घातक है। ऐसे अपराधों पर कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और अन्य लोग इस तरह के अपराध करने से बचें। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी रॉकी बबलानी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को तेलीबांधा पुलिस की सतर्कता, कुशल विवेचना और कानूनी प्रक्रिया के सख्त पालन का परिणाम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।