भाई के गाली-ग्लौज और धमकियों से भयभीत होकर बुजुर्ग ने दर्ज कराई शिकायत
छग
Raipur. रायपुर। कन्हैया कुंज, सिविल लाईन निवासी 62 वर्षीय दिलीप कुमार नैनानी ने अपने ही भाई जवाहर लाल नैनानी के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाना सिविल लाईन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध के तथ्य पाए जाने पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। दिलीप कुमार नैनानी ने अपनी लिखित शिकायत में बताया है कि 17 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब तीन बजे वे नगर निगम के निर्देशानुसार अपने घर के निर्माण कार्य में परिवर्तन करवा रहे थे। उस समय उनके पास मौजूद ठेकेदार कैलाश अराविया और काम पर लगे लेबर भी मौजूद थे। तभी पास ही रहने वाले उनके भाई जवाहर लाल नैनानी वहां आ गए और जान-बूझकर गाली-गलौज करते हुए हंगामा किया।
शिकायत में कहा गया है कि जवाहर ने दिलीप, उनके ठेकेदार व मजदूरों को माँ-बाप व बहन के संबंध में अश्लील गालियाँ दीं और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। दिलीप का कहना है कि भाई ने उनका कॉलर पकड़कर थप्पड़ भी मारा तथा जान से मारने की गंभीर धमकियाँ दीं — “मैं तुझे जान से मार दूंगा और तेरी बीवी-बच्चों को भी मारवा दूंगा” जैसी कथित धमकियों से परिवार बेहद भयभीत है। दिलीप ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि जवाहर द्वारा उन्हें यह धमकी भी दी गई कि वह उनके घर में ब्राउन शुगर रखवा देगा और परिवार को झूठे मुकदमों में फंसा देगा। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जवाहर पहले भी बार-बार बदतमीजी करता रहा है; वह दिलीप की पत्नी नम्रता नैनानी का अपमान करता और बाहरी लोगों से मिलने-जुलने पर उन पर अभद्र टिप्पणी करता रहा है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि इन बार-बार की गालियों और धमकियों के कारण वह घर के अंदर कैद सा महसूस करने लगा था और बाहर निकलने में डर लगता था। भय के कारण परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई और अब वह हिम्मत करके थाने का रुख कर रहे हैं ताकि सुरक्षा और न्याय मिल सके। थाना सिविल लाइन के प्रभारी ने शिकायत की प्राप्ति की पुष्टि करते हुए बताया कि आवेदन की प्रारंभिक जाँच-पड़ताल में प्रथम दृष्टया अपराध सम्बन्धी धाराएँ 296, 115(2) व 351(2) BNS के घटित होने के संकेत पाए गए। नालिसी नकल के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर विवेचना आरंभ कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि त्वरित तौर पर दोनों पक्षों के बयानों, घटनास्थल के संदर्भ तथा यदि मौजूद हों तो किसी भी प्रकार के साक्ष्यों की जाँच की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक रंजिशें अक्सर सार्वजनिक कलह में बदल जाती हैं और समय रहते ठीक प्रकार की मध्यस्थता व कानूनी कार्रवाई न होने पर मामूली विवाद बड़े संकट में बदल जाते हैं। इस प्रकरण में भी पड़ोसियों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच पुराना झगड़ा और आपत्तिजनक व्यवहार पिछले कुछ समय से चल रहा था। दिलीप अपनी शिकायत में पुलिस से अनुरोध कर रहे हैं कि उनके विरुद्ध किसी तरह के पलटवार या दबाव से उन्हें बचाने के लिये सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा जवाहर के खिलाफ समुचित कानूनी कार्रवाई कर सार्वजनिक स्थान पर एवं निजी जीवन में उनकी सुरक्षा और गरिमा की रक्षा की जाए। पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए विवेचना गम्भीरता से की जा रही है और जो भी प्रमाण मिलेंगे उनके आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पीड़ित व आरोपी दोनों के बयान दर्ज कर मामले की तीन-चरणीय जांच की प्रक्रिया अपनाई जाएगी — घटनास्थल, गवाह व मेडिकल/फिजिकल साक्ष्यों की पड़ताल।