एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, करेंसी टॉवर में फर्जी ऑफिस खोल था
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने बेरोजगार युवाओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि दिल्ली से आए ठगों ने रायपुर के करेंसी टॉवर में बाकायदा एक ऑफिस खोलकर खुद को एयरपोर्ट से जुड़ी भर्ती एजेंसी का अधिकारी बताया और युवाओं को विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने रायपुर एयरपोर्ट में ग्राउंड स्टाफ, सिक्योरिटी और कस्टमर सर्विस जैसे पदों पर भर्ती का लालच दिया। इसके लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र तक तैयार किए, जिससे युवाओं को विश्वास हो सके। बेरोजगारी से जूझ रहे कई युवाओं ने नौकरी की उम्मीद में आरोपियों से संपर्क किया और उनके जाल में फंस गए।
मामले की शिकायतकर्ता एलिसा दास ने पुलिस को बताया कि उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट में ग्राउंड स्टाफ की भर्ती से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने उन्हें करेंसी टॉवर स्थित कार्यालय में बुलाया। वहां पहुंचने पर आरोपियों ने इंटरव्यू, रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर 22 हजार रुपए से अधिक की राशि वसूल ली। एलिसा दास के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें एक नियुक्ति पत्र (लेटर) भी दिया और फरवरी माह में जॉइनिंग के लिए आने को कहा। जब तय तारीख पर वे कार्यालय पहुंचीं, तो वहां ताला लगा मिला। संदेह होने पर जब उन्होंने आरोपियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो सभी नंबर बंद मिले। इसके बाद पीड़िता ने तेलीबांधा थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक, इस ठगी के मामले में आरोपियों के नाम कोणाल किशोर, विशाल और वीर बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के सिंडिकेट में युवतियां भी शामिल थीं, जो ऑफिस में मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने का काम करती थीं। इससे पीड़ितों को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अब तक की जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने ऑफिस किसके माध्यम से किराए पर लिया था और अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल राशि में और इजाफा हो सकता है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी एजेंसी या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच कर लें और संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।