स्पा सेंटर संचालक से वसूली मामलें में पूर्व ASP राजेंद्र जायसवाल निलंबित
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्पा सेंटर संचालक से कथित वसूली और धमकी के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। राज्य सरकार ने बिलासपुर के पूर्व एडिशनल पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेंद्र जायसवाल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराने की बात कही थी। गृह मंत्री के बयान के कुछ ही घंटों बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।
मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एक स्पा एंड वेलनेस सेंटर से जुड़ा है। स्पा सेंटर के संचालक ने आरोप लगाया है कि पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने उसे डराने-धमकाने के साथ पैसों की मांग की। संचालक का कहना है कि अधिकारी द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया था। इस संबंध में स्पा संचालक ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) संजीव शुक्ला को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत के साथ उसने कथित रूप से पूर्व एएसपी का स्टिंग वीडियो और व्हाट्सऐप कॉल रिकॉर्डिंग भी साझा की है। शिकायतकर्ता का दावा है कि स्टिंग में पैसों की मांग और धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड हुई है, जो पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाती है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बिलासपुर को इस पूरे प्रकरण का जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एसएसपी स्तर पर जांच होने से यह स्पष्ट है कि पुलिस विभाग इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। शिकायतकर्ता के अनुसार, पूर्व एएसपी की ओर से लगातार दबाव और कथित वसूली की मांग के चलते वह लंबे समय तक तनाव में रहा। अंततः उसने पूरे घटनाक्रम के सबूत एकत्र कर उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। उसने यह भी आरोप लगाया है कि यदि उसने शिकायत नहीं की होती, तो उसके व्यवसाय और व्यक्तिगत सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता।
इस मामले ने पुलिस महकमे में भी हलचल मचा दी है। आज सुबह मीडिया से चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि किसी भी अधिकारी पर इस तरह के गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो उसे तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा था कि कानून व्यवस्था और पुलिस की साख से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गृह मंत्री के इसी सख्त रुख के बाद पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल निलंबन अवधि में वे विभागीय जांच के दायरे में रहेंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।