छत्तीसगढ़

केमिकल एवं फर्टिलाइज़र समिति के स्टडी टूर में बृजमोहन अग्रवाल का दक्षिण भारत दौरा

Shantanu Roy
21 Jan 2026 6:32 PM IST
केमिकल एवं फर्टिलाइज़र समिति के स्टडी टूर में बृजमोहन अग्रवाल का दक्षिण भारत दौरा
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छग
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। लोकसभा सांसद एवं रायपुर से निर्वाचित वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केमिकल एवं फर्टिलाइज़र संबंधी संसदीय समिति के स्टडी टूर के दौरान दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया। इस क्रम में उन्होंने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विश्व प्रसिद्ध पद्मनाभ स्वामी मंदिर में भगवान श्रीहरि विष्णु के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश व देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पद्मनाभ स्वामी मंदिर को भारत के सबसे प्राचीन और
समृद्ध मंदिरों
में गिना जाता है। यहां की स्थापत्य कला, आध्यात्मिक वातावरण और वैदिक परंपराएं विश्वभर में श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंदिर में दर्शन के पश्चात कहा कि ऐसे पवित्र स्थल भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन मूल्यों के सजीव प्रतीक हैं, जो समाज को नैतिक और आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं। इसके पश्चात समिति के अन्य सदस्यों के साथ उन्होंने तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल का भ्रमण किया। यह स्मारक अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के पावन संगम पर स्थित है और स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रचिंतन, आत्मबोध तथा भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है।


बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह स्थान न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का भी केंद्र है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन और योगदान को याद करते हुए कहा कि शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन से पूर्व स्वामी विवेकानंद ने इसी स्थान पर तीन दिनों तक गहन साधना की थी। इसी साधना के दौरान उन्होंने भारत की आत्मिक शक्ति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का साक्षात्कार किया, जिसका प्रभाव बाद में विश्व मंच पर उनके ऐतिहासिक संबोधन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उस संबोधन ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई और भारतीय संस्कृति की महानता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। सांसद अग्रवाल ने आगे कहा कि विवेकानंद रॉक मेमोरियल आज भी राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देता है। ऐसे स्थलों का भ्रमण जनप्रतिनिधियों के लिए न केवल आध्यात्मिक अनुभव होता है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसे संरक्षित करने की प्रेरणा भी देता है। केमिकल एवं फर्टिलाइज़र समिति का यह स्टडी टूर औद्योगिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान विभिन्न राज्यों की विशेषताओं, विकास मॉडल और परंपराओं को नजदीक से देखने का अवसर समिति सदस्यों को मिल रहा है, जिससे भविष्य की नीतियों और निर्णयों में व्यापक दृष्टिकोण विकसित हो सके।
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