Dhamtari. धमतरी। शहर में नकली और मिलावटी पनीर के इस्तेमाल की शिकायतों के बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम ने शनिवार को शहर के होटल, डेयरी और कैफे में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की। इस दौरान कई संस्थानों में पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर उसके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से शहर के डेयरी, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित संस्थानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन संस्थानों में पहुंची खाद्य विभाग की टीम
जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम शनिवार को शहर के जिंजर कैफे, श्री कृष्णा डेयरी और श्री सखी कैफे पहुंची। टीम ने वहां खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की। अभियान के दौरान तीनों प्रतिष्ठानों से पनीर के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पनीर मानकों के अनुरूप है या नहीं।
सखी कैफे का खाद्य लाइसेंस निलंबित
निरीक्षण के दौरान श्री सखी कैफे की रसोई में गंभीर स्तर की अस्वच्छता पाई गई। खाद्य विभाग के अनुसार, वहां खाद्य पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया निर्धारित स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई की और सखी कैफे का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। विभाग ने बताया कि लाइसेंस दो दिनों के लिए या फिर रसोई की पूरी तरह सफाई और आवश्यक सुधार होने तक निलंबित रहेगा।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पनीर के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में पनीर अमानक या मिलावटी पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग लगातार शहर के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
संचालकों को दिए गए निर्देश
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी डेयरी, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और ढाबा संचालकों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालकों को चेतावनी दी है कि अमानकीकृत डेयरी एनालॉग, नकली पनीर या मिलावटी खाद्य पदार्थों का उपयोग और बिक्री न करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर विभाग का फोकस
खाद्य विभाग का कहना है कि मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। खासतौर पर दूध और उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि इनका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।