Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में महिला डॉक्टर से दहेज में 20 लाख रुपये मांगने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने उसके पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला शिवनंदपुर निवासी महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका जायसवाल की शिकायत से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, डॉ. प्रियंका की शादी 30 अप्रैल 2025 को मरवाही निवासी डॉ. कोमल प्रसाद राय से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है।
डॉ. प्रियंका ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शादी से पहले ही दहेज और पैसों को लेकर मांग शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि सगाई और तिलक कार्यक्रम मनेंद्रगढ़ के होटल हसदेव इन में आयोजित किया गया था। इस दौरान उनके पिता कृष्ण कुमार जायसवाल ने तिलक में 3.25 लाख रुपये नकद, सोने की चेन और अंगूठी सहित अन्य सामान दिया था। इसके अलावा कार्यक्रम के खर्च में सहयोग के लिए 80 हजार रुपये भी दिए गए थे। शिकायत के मुताबिक, शादी से पहले पति डॉ. कोमल राय ने नया घर और कार खरीदने की बात कहकर पीड़िता के पिता से 5 लाख रुपये उधार लिए थे। उन्होंने यह राशि बाद में लौटाने की बात कही थी।
पीड़िता का आरोप है कि सगाई के अगले दिन 2 अप्रैल को ससुर और अन्य परिजनों ने फोन कर 20 लाख रुपये की मांग की। शिकायत में बताया गया कि ससुराल पक्ष की ओर से कहा गया कि "कम से कम 20 लाख रुपये दीजिए, डॉक्टर की शादी है।" इस मांग के बाद पीड़िता के पिता ने रिश्ता खत्म करने की बात कही, जिसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर माफी मांग ली थी। इसके बाद 30 अप्रैल को विश्रामपुर के आनंद रिहंदम मैरिज लॉन में दोनों की शादी हुई। शादी में भी पीड़िता के परिवार की ओर से घरेलू सामान सहित कई उपहार दिए गए। डॉ. प्रियंका ने आरोप लगाया कि शादी के बाद ससुराल में उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया।
उन्हें कुछ समय तक मरवाही स्थित घर के एक कमरे में रहने के लिए मजबूर किया गया और बाहर आने-जाने पर रोक लगाई गई। आरोप है कि पति, सास-ससुर, ननद और अन्य रिश्तेदार लगातार 20 लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। बाद में वह पति के साथ मनेंद्रगढ़ स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने लगीं। वहां उन्हें पति की कथित शराब की लत के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब पीने के बाद पति उनके साथ मारपीट करते थे। शिकायत में महिला डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि पति के पुराने विवादों और व्यवहार की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने मायके वालों को इसकी जानकारी दी। समाज के लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2026 में सास-ससुर मनेंद्रगढ़ पहुंचे और फिर से 20 लाख रुपये की मांग को लेकर विवाद किया। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर डॉ. प्रियंका 26 फरवरी 2026 को अपने मायके लौट आईं। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल 2026 को दोनों परिवारों के बीच समझौते की कोशिश की गई, लेकिन ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये मिलने पर ही साथ रखने की बात कही। इसके बाद महिला डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। विश्रामपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति डॉ. कोमल प्रसाद राय (39 वर्ष), ससुर पुरुषोत्तम राय (65 वर्ष), सास अरुणा देवी (60 वर्ष), अमित जायसवाल (45 वर्ष), ननद कामिनी जायसवाल (46 वर्ष), विजय जायसवाल (45 वर्ष) और किरण जायसवाल (43 वर्ष) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 3(5) और 85 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।