आदिवासी रेप पीड़िता का नहीं दर्ज किया FIR, थाने का चक्कर काट रही युवती
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में आदिवासी युवती को रेप जैसे घिनौने अपराध का शिकार होने के बाद न्याय की उम्मीद में थाने के चक्कर काटने पर मजबूर किया जा रहा है। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवती ने पुलिस से गुहार लगाई कि उसे शादी का झांसा देकर रवि गेमिंग इवेंट के संचालक रंजन कुमार साहू ने बार-बार बलात्कार किया। लेकिन जब युवती ने आरोपी से शादी की बात की, तो आरोपी ने उसे न केवल झूठे वादे से ठगा, बल्कि उसे अपने मोबाइल से ब्लॉक कर दिया। यह घटना छत्तीसगढ़ की पुलिस की गंभीर लापरवाही और आरोपी को बचाने की साजिश को उजागर करती है। पीड़िता का कहना है कि उसने दो हफ्तों से थाने के चक्कर काटे है मगर पीड़िता की शिकायत दर्ज की गई है, लेकिन राजेंद्र नगर थाना प्रभारी प्रमोद सिंह ने उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की। एक तरफ राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासी पीड़िता को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
यह सवाल उठता है कि जब एक पीड़िता अपनी शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन जाती है, तो उसे मानसिक रूप से परेशान क्यों किया जाता है? क्या यह सच नहीं है कि छत्तीसगढ़ पुलिस, खासकर राजधानी रायपुर में, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अपराधियों को संरक्षण देने में लगी हुई है? राजधानी रायपुर पुलिस की यह प्रक्रिया पूरी तरह से शर्मनाक और अपराधियों के पक्ष में है। पुलिस की न केवल निष्क्रियता है, बल्कि पीड़िताओं के प्रति असंवेदनशीलता भी सामने आ रही है। जब एक पीड़िता के साथ गंभीर अपराध हुआ हो, तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, एफआईआर दर्ज करनी चाहिए, और मेडिकल जांच करानी चाहिए। लेकिन रायपुर के थानों में न तो मेडिकल करवाया जाता है, और न ही एफआईआर दर्ज होती है।