Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बैंक खाताधारकों से धोखाधड़ी और बड़ी रकम के गबन के मामले में भखारा पुलिस ने एसबीआई कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लंबे समय तक कियोस्क संचालन के दौरान खाताधारकों के साथ वित्तीय अनियमितता की। मामले में आरोपी पर कुल 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपए की राशि के गबन का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
SBI ग्राहक सेवा केंद्र का करता था संचालन
पुलिस के अनुसार, धमतरी में NICT Technologies Pvt. Ltd कंपनी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अनुबंध के तहत ग्राहक सेवा केंद्र यानी कियोस्क का संचालन कराती है। ग्राम कोरा में SBI कियोस्क संचालन के लिए कंपनी की ओर से केशव राम साहू को नियुक्त किया गया था। आरोपी केशव राम साहू (40 वर्ष), पिता हेमलाल साहू निवासी देवकोट जिला बालोद है। वर्तमान में वह रायपुर के बोरिया खुर्द स्थित अर्जुन विहार में रह रहा था।
संस्था की शिकायत पर शुरू हुई जांच
मामले की शिकायत NICT Technologies Pvt. Ltd के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर ने भखारा थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कियोस्क संचालन के दौरान खाताधारकों के साथ कथित रूप से वित्तीय अनियमितता की गई।
10 साल के दौरान गबन का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच SBI खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए बड़ी रकम का गबन किया। जांच में करीब 1,00,75,717 रुपए की राशि के गबन की बात सामने आई है। इसके बाद भखारा थाना में आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 338 और 336(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पूछताछ में अपराध स्वीकार करने का दावा
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी केशव राम साहू की तलाश कर उसे हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर से महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री जब्त की।
लैपटॉप और FD बॉन्ड पेपर जब्त
पुलिस ने आरोपी के कियोस्क सेंटर से Lenovo कंपनी का एक लैपटॉप और 29 हितग्राहियों के फिक्स डिपॉजिट (FD) बॉन्ड पेपर बरामद किए हैं। इन सामग्रियों को गवाहों की मौजूदगी में विधिवत जब्त किया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
जांच में अपराध से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय कुरूद के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वित्तीय धोखाधड़ी और बैंकिंग अनियमितताओं से जुड़े मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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