Bilaspur. बिलासपुर। मुंगेली जिले के एक किसान को सोने-चांदी के जेवरों से भरा घड़ा सस्ते दाम में दिलाने का झांसा देकर 6 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगी करने वाले गिरोह ने पहले किसान को कथित जेवर दिखाकर भरोसे में लिया और इसके बाद रास्ते में पुलिसकर्मी बनकर तलाशी लेने का नाटक किया। मामले में शिकायत मिलने के बाद बेलगहना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम गड़ाघाट निवासी किसान विष्णु बघेल ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को तखतपुर के बकरी बाजार के पास उसकी मुलाकात परिचित पालन भास्कर से हुई थी। बातचीत के दौरान पालन ने बताया कि उसके एक परिचित को सोने-चांदी के जेवरों से भरा घड़ा मिला है, जिसे बाजार कीमत से काफी कम दाम में खरीदा जा सकता है।
किसान के अनुसार, 30 अगस्त को वह अपने भतीजे धनेश पात्रे के साथ पालन भास्कर और संजय पानिक के साथ कुरदर के पास एक व्यक्ति के घर पहुंचा। वहां कथित तौर पर सोने-चांदी के जेवरों से भरा घड़ा दिखाया गया। आरोपियों ने इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई। बातचीत के बाद कथित जेवरों का सौदा 12 लाख रुपये में तय होने की बात कही गई।
शिकायत के मुताबिक, 31 अगस्त की रात विष्णु अपने भतीजे धनेश के साथ कार से कुरदर पहुंचा। वहां पालन भास्कर, पसाऊ बैगा और संजय पानिक मिले। रात करीब 11 बजे यादव के घर पर विष्णु ने पालन को 6 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसे बताया गया कि पूजा-पाठ की रस्म पूरी करने के बाद जेवरों का बंटवारा किया जाएगा।
कुछ देर बाद पालन, संजय और पसाऊ बैगा एक बोरे में कथित जेवर लेकर कार के पास पहुंचे। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति बाइक से कार के आगे चल रहा था। विष्णु के मुताबिक, जब वे सेमरिया के पास पहुंचे तो दो वर्दीधारी लोगों ने कार को रोक लिया। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी की तरह पेश करते हुए कार की तलाशी ली। शिकायत में बताया गया कि इनमें से एक व्यक्ति की वर्दी पर तीन स्टार लगे हुए थे। मोबाइल फोन की तस्वीर लेने के बाद कार को आगे जाने दिया गया।
विष्णु का आरोप है कि कुछ दूरी तय करने के बाद पालन ने अचानक तबीयत खराब होने की बात कही। करीब तीन किलोमीटर आगे जाने के बाद आरोपी कार से उतर गए और दावा किया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने कथित जेवर जब्त कर लिए हैं। इसके बाद आरोपी बाइक से मौके से चले गए और अपने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए।
आरोपियों से संपर्क नहीं होने और जेवर नहीं मिलने पर विष्णु को अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 6 सितंबर को वह मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास गया था। वहां उसे कथित पुलिस तलाशी में शामिल लोगों में से एक व्यक्ति दिखाई दिया। परिचितों से जानकारी लेने पर उसकी पहचान लोकेश राजपूत के रूप में होने की बात सामने आई।
इसके बाद किसान ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस से की। शिकायत में पालन भास्कर, संजय पानिक, पसाऊ बैगा, बलराम यादव और लोकेश राजपूत सहित अन्य लोगों पर ठगी में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। बेलगहना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस कथित जेवरों से भरे घड़े, रुपये के लेन-देन और रास्ते में पुलिसकर्मी बनकर कार रोकने के आरोपों की जांच कर रही है। आरोपियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।