छत्तीसगढ़

डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर बड़ी छलांग, अब दूरस्थ गांव भी होंगे डिजिटल दुनिया से कनेक्ट

jantaserishta.com
24 Sept 2026 12:34 PM IST
डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर बड़ी छलांग, अब दूरस्थ गांव भी होंगे डिजिटल दुनिया से कनेक्ट
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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे इलाकों के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी पहल सामने आई है। प्रदेश में 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति मिलने से उन क्षेत्रों तक मोबाइल नेटवर्क का विस्तार होने की उम्मीद है, जहां अभी कमजोर नेटवर्क या कनेक्टिविटी की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। नए मोबाइल टावर शुरू होने के बाद ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मजबूत डिजिटल पहचान मिलने के साथ संचार सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी।

आज मोबाइल नेटवर्क केवल बातचीत करने का माध्यम नहीं रह गया है। बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सरकारी योजनाओं की जानकारी, डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार से जुड़ी कई सुविधाएं इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निर्भर हैं। ऐसे में दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार वहां रहने वाले लोगों के रोजमर्रा के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों को मिल चुकी स्वीकृति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति देने पर केंद्र सरकार का आभार जताया है। इन टावरों के माध्यम से उन क्षेत्रों में नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी है, जहां अभी मोबाइल कनेक्टिविटी पर्याप्त नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, स्वीकृत 577 स्थानों में से 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को एनओसी जारी की जा चुकी है। इन स्थानों पर मोबाइल टावर स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। वहीं शेष 88 स्थानों की मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद जताई गई है।
2,305 और टावरों की रखी मांग
मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ क्षेत्रों की जरूरतों को रखते हुए 2,305 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की मांग की है। यदि इन टावरों को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में मोबाइल नेटवर्क का दायरा बड़े स्तर पर बढ़ सकेगा।
खास तौर पर जंगलों और दुर्गम इलाकों में बसे गांवों के लिए यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार होने से ग्रामीणों को संचार के साथ सरकारी और डिजिटल सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
जहां नेटवर्क कमजोर वहां पहुंचेगी डिजिटल सुविधा
छत्तीसगढ़ का बड़ा भूभाग जंगल, पहाड़ और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों से घिरा हुआ है। कई दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कहीं लोगों को फोन पर बात करने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ता है तो कहीं इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए बेहतर नेटवर्क वाली जगह तलाशनी पड़ती है।
577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति ऐसे क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टावर स्थापित होने के बाद नेटवर्क कवरेज का दायरा बढ़ेगा और मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकारी योजनाओं तक पहुंच होगी आसान
डिजिटल कनेक्टिविटी बेहतर होने का सीधा फायदा सरकारी सेवाओं और योजनाओं तक पहुंच में भी मिलेगा। आज केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं में आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन और भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। कमजोर इंटरनेट के कारण दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इन सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है।
नेटवर्क मजबूत होने से ग्रामीण अपने मोबाइल फोन के जरिए योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान और विभिन्न सरकारी पोर्टलों का इस्तेमाल भी आसान हो सकेगा।
छात्रों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते
दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर ऑनलाइन कक्षाओं और अध्ययन सामग्री तक बड़ी मात्रा में शैक्षणिक संसाधन इंटरनेट पर उपलब्ध हैं।
बेहतर मोबाइल नेटवर्क मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल शैक्षणिक सामग्री का अधिक आसानी से उपयोग कर सकेंगे। युवाओं के लिए ऑनलाइन रोजगार पोर्टल, कौशल प्रशिक्षण और अन्य डिजिटल अवसरों तक पहुंच भी बेहतर हो सकती है।
डिजिटल भुगतान और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
मोबाइल टावरों का विस्तार स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। ग्रामीण बाजारों में यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ा है, लेकिन कमजोर नेटवर्क कई बार लेनदेन में बाधा बनता है।
बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने पर डिजिटल भुगतान अधिक सुगम होगा। छोटे दुकानदारों, ग्रामीण उद्यमियों और स्थानीय कारोबारियों को ऑनलाइन सेवाओं से जुड़ने में भी मदद मिलेगी।
आपात स्थिति में मजबूत नेटवर्क बनेगा मददगार
दुर्गम इलाकों में किसी दुर्घटना, बीमारी या दूसरी आपात स्थिति के दौरान मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। नेटवर्क नहीं मिलने पर पुलिस, एंबुलेंस या अन्य सहायता सेवाओं से संपर्क करने में देरी हो सकती है। अतिरिक्त टावरों से कवरेज बढ़ने पर ऐसी परिस्थितियों में संचार व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
577 टावर सिर्फ नेटवर्क नहीं बदलाव की उम्मीद
छत्तीसगढ़ में स्वीकृत 577 अतिरिक्त मोबाइल टावर केवल मोबाइल सिग्नल बढ़ाने वाली परियोजना नहीं हैं। इनके जरिए दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, रोजगार, सरकारी सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था से अधिक मजबूती से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है।
टावरों की स्थापना और सेवाएं शुरू होने के बाद वास्तविक बदलाव उनके कवरेज और नेटवर्क गुणवत्ता पर निर्भर करेगा। लेकिन दूरस्थ छत्तीसगढ़ को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह पहल उन गांवों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जहां आज भी मजबूत मोबाइल सिग्नल का इंतजार है।
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