फर्जी कॉल सेंटर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Update: 2026-03-22 12:02 GMT

रायपुर। फर्जी कॉल सेंटर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार हो गया है। परमजीत सिंह चड्डा ने थाना मुजगहन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह कांदुल, मुजगहन रायपुर में रहता है। प्रार्थी को माह नवम्बर 2024 को उसके मोबाईल फोन नम्बर में मोबाईल न० 8826982241 के धारक अनिरूद्ध चौधरी के द्वारा फोन आया तथा उसने प्रार्थी को बताया कि उसके नाम से डी.बी.टी. भारत बैंक में कुल 98,64,000/- रूपये की बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है, उक्त रकम का वह नॉमिनी है तथा उक्त बैंक आपको नॉमिनी होने के कारण सम्पूर्ण मैच्योरिटी की राशि बैंक के द्वारा आपको प्रदान किया जाना है।

उसके लिये आपको बैंक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिये कहा गया एवं यदि व्यक्तिगत रूप से बैंक में उपस्थित होने में असमर्थ है तो मोबाईल पर सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर मैच्योरिटी की राशी आहरण करने की सम्पूर्ण औपचारिकताये पूर्ण की जायेंगी एवं राशि आपके बैंक खाते में जमा करा दी जावेगी। जिसके पश्चात् अनिरूद्ध चौधरी द्वारा 01 अन्य बैंक कर्मी सरला आर्या मो.नं. 7668121478 से बात कराई तथा कहा कि आगे की औपचारिकताओं हेतु सरला आर्या ही कार्य करेंगी। सरला आर्या द्वारा प्रार्थी को बिमा की मैच्योरिटी राशि प्राप्त करने हेतु प्रोसेसिंग फीस जमा करने हेतु प्रफुल्ल कृष्णा नामक व्यक्ति के बैंक ऑफ बड़ौदा का खाता संख्या 51570100021245 प्रदाय किया जिसमें प्रार्थी द्वारा दिनांक 26.03.2025 को 22,600/- रूपये जमा किया गया, इसके बाद पुनः सरला आर्या द्वारा बिमा की मैच्योरिटी राशि प्राप्त करने के लिये कागजी कार्यवाही हेतु 4,21,485/- रूपये जमा कराने हेतु कहा गया जिस पर प्रार्थी द्वारा दिनांक 04.06.2025 से 21.07.2025 तक अलग-अलग किश्तों में सरला आर्या द्वारा जमा कराने हेतु की गई रकम को जमा करा दिया गया। इसके पश्चात् सरला आर्या द्वारा पुनः बिमा की मैच्योरिटी राशि 98,64,000/- रूपये को प्राप्त करने हेतु टैक्स भरने एवं एन.ओ.सी. प्राप्त करने हेतु पुनः 01 इंडियन ओवरसीस बैंक का खाता दिया गया एवं उसमें 3,44,640/- रूपये जमा करने हेतु कहा गया, जिसके बाद प्रार्थी द्वारा मुझे शक हो रहा है कहा गया तब उनके द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक का कूटरचित दस्तावेज एवं 01 बैंक का डी.डी. प्रार्थी के फोन पर भेजा गया जिसके बाद प्रार्थी ने पुनः उनके दिये हुए बैंक खाता में चाही गई रकम स्थानांतरित करवा दी गई। इसके पश्चात् प्रार्थी द्वारा सरला आर्या द्वारा भेजे गये दस्तावेज एवं डी.डी. को अपने बैंक में जाकर चेक करवाया तो उनके द्वारा प्रार्थी को उसके साथ ऑनलाईन ठगी होना बताया गया। इस प्रकार मोबाईल न० 8826982241 के धारक अनिरूद्ध चौधरी तथा मो.नं. 7668121478 सरला आर्या के द्वारा प्रार्थी को कूटरचित दस्तावेज दिखा कर बिमा पोलिसी राशि मैच्योर होने के झांसा देकर उससे अलग-अलग किश्तो में कुल 9,60,000/- रूपये अलग-अलग म्यूल बैंक खाताओं में स्थानांतरित कराकर ऑनलाईन ठगी की गई थी। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 24/26 धारा 318(4) बी.एन.एस., 61डी आई टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना मुजगहन की संयुक्त टीम द्वारा प्रकरण में पूर्व में गिरोह के 03 आरोपी 01. अनिल कुमार पिता स्व. प्रभाति सिंह उम्र 37 साल निवासी ए-102 हयान एन्क्लेव लोनी देहात डी.एल.एफ. अंकुर विहार जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश। 02. अजय तिवारी पिता स्व. प्रेमचंद तिवारी उम्र 33 साल निवासी ए-32 राहुल विहार विजय नगर थाना विजय नगर जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश तथा 03. रिंकू सिंह पिता स्व. करतार सिंह उम्र 42 साल निवासी प्लॉट नं. 217 शालिमार गार्डन 01 थाना शालिमार गार्डन शाहिबाबाद गाजियाबाद उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 03 नग मोबाईल फोन जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों से प्रकरण में फरार जितेन्द्र कुमार उर्फ राजीव के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करते हुए उसके छिपने के हर संभावित ठिकानों पर रेड कार्यवाही करते हुए प्रकरण में आरोपी मास्टरमाईंट जितेन्द्र कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार कर उसके *कब्जे से 01 नग मोबाईल फोन जप्त* कर कार्यवाही किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी

जितेन्द्र कुमार पिता करतार सिंग उम्र 35 साल निवासी वसुंधरा गाजियाबाद उत्तर प्रदेश।

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