Raigarh. रायगढ़। जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मदनलाल साहू ने ग्राम पंचायत खर्रा में फर्जी बिल के माध्यम से सरकारी धन के गबन की सनसनीखेज जानकारी दी है। उपसरपंच सुकवारा की लिखित शिकायत के आधार पर मदनलाल साहू और उनके कार्यालय स्टाफ ने भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट E Gram Swaraj पर जांच की, जिसमें शिकायत सही पाई गई। जांच में यह सामने आया कि ग्राम पंचायत खर्रा के सचिव ओम प्रकाश श्रीवास और सरपंच परमेश्वरी राठिया ने पेमेंट वाउचर XVFC/2025-26/P/15 दिनांक 09.10.2025 के माध्यम से बोर खनन कार्य के लिए 90,000 रुपये और पेमेंट वाउचर XVFC/2025-26/P/16 दिनांक 09.10.2025 के माध्यम से नाली निर्माण कार्य के लिए 35,000 रुपये, कुल 1,25,000 रुपये का फर्जी कोरा बिल लगाकर भुगतान किया।
इस तरह से फर्जी तरीके से शासकीय राशि का दुरुपयोग और गबन किया गया, जिससे स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण विकास योजनाओं पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपसरपंच सुकवारा ने शिकायत दर्ज कराई और मदनलाल साहू ने इसे प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के रूप में थाना छाल, जिला रायगढ़ में पंजीबद्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। प्रारंभिक जांच में मामला प्रथम दृष्टया धारा 318(4) एवं 3(5) BNS के तहत अपराध पाए जाने का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई के तहत आरोपी सचिव और सरपंच के खिलाफ विवेचना शुरू की गई है। जांच में कार्यालय स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने शिकायत में उल्लिखित व्यय को E Gram Swaraj साइट पर सत्यापित किया।
जांच रिपोर्ट और शिकायत आवेदन के साथ पेमेंट वाउचर की प्रति भी संलग्न की गई है, जिससे यह मामला और अधिक स्पष्ट हो गया है। ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। मुद्दा केवल वित्तीय गबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी परियोजनाओं के सही उपयोग पर भी प्रश्न खड़ा करता है। ग्रामीण क्षेत्र में यह घटना स्थानीय जनता के बीच सरकारी योजनाओं के प्रति अविश्वास पैदा कर सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी। ग्रामीण विकास योजनाओं के सुचारू और सही संचालन के लिए यह कदम आवश्यक माना जा रहा है। इस मामले से स्पष्ट है कि E Gram Swaraj जैसे डिजिटल माध्यम से सरकारी भुगतान की निगरानी में सुधार की जरूरत है और ग्रामीण पंचायतों में जवाबदेही बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण एवं निगरानी की आवश्यकता है। मामले की एफआईआर, जांच प्रतिवेदन और शिकायत की प्रतियां पुलिस रिकॉर्ड में संलग्न की गई हैं, और दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।