Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले की घटना में 80 वर्षीय वृद्ध गंगाराम सारथी की मौत हो गई। घटना बनहर बीट के चुहकीमार जंगल क्षेत्र में हुई है, जहां वृद्ध लकड़ी बिनने के लिए सुबह जंगल गए थे और शाम तक वापस नहीं लौटे। सूचना के अनुसार, रविवार की सुबह लगभग 10 बजे गंगाराम सारथी घर से लकड़ी बिनने के लिए जंगल निकल गए। शाम तक उनका वापस न लौटना परिजनों के लिए चिंता का कारण बना। बाद में अन्य ग्रामीणों ने परिजनों को बताया कि हाथी ने गंगाराम पर हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक गंगाराम सारथी चुहकीमार गांव के निवासी थे और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वह नियमित रूप से जंगल में लकड़ी बिनने जाया करते थे। घटना की जानकारी मिलते ही वन अमला और हाथी मित्र दल के सदस्य तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुए। वन रेंजर छाल रेंज, राजेश चौहान ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना कुछ देर पहले मिली है और वन अमला तथा हाथी मित्र दल मौके पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि जंगल क्षेत्र में लगभग 12 हाथियों की उपस्थिति है और इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वन विभाग ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया जाएगा और मृतक के परिजनों को विधिक मदद तथा मुआवजा संबंधी जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही वन अमला और स्थानीय हाथी मित्र दल हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि और कोई घटना न हो। ग्रामीणों ने कहा कि चुहकीमार जंगल क्षेत्र में हाथियों की संख्या अधिक है और लकड़ी बिनने के दौरान स्थानीय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। वन विभाग ने भी नागरिकों से अपील की है कि जंगल में अकेले न जाएं और हाथियों के रूट से दूर रहें।
वन्य जीवन एवं जंगल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाथियों का इस तरह का व्यवहार अक्सर भोजन या क्षेत्र की रक्षा के कारण होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि वन विभाग को हाथियों के आवागमन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सतत निगरानी और चेतावनी प्रणाली लागू करनी चाहिए। छाल रेंजर राजेश चौहान ने कहा कि घटना की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। क्षेत्र में मौजूद हाथियों की निगरानी, मृतक के शव का पंचनामा और ग्रामीणों को सुरक्षा निर्देश देना प्राथमिकता है। इस घटना के बाद वन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि जंगल में काम करने वाले ग्रामीणों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी संभावित खतरे की सूचना तुरंत वन अमला को दें। वन विभाग ने कहा कि हाथियों के हमले की घटनाओं को रोकने और जंगल क्षेत्र में मानव और हाथियों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।