निर्वाचन आयोग का चेतावनी संदेश: एक से अधिक स्थानों पर गणना प्रपत्र जमा करना दंडनीय अपराध
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Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 4 नवम्बर 2025 से शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया के तहत निर्वाचकों को गणना प्रपत्र का वितरण लगभग पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में इन प्रपत्रों के संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी दी कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ ने सभी नागरिकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे इस प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचक द्वारा मृत व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करना, जो अब भारतीय नागरिक नहीं रहा है, या ऐसे निर्वाचक के मामले में जो जानता है कि उसका नाम निर्वाचक नामावली में एक से अधिक स्थानों पर मौजूद है और वह एक से अधिक स्थानों के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करता है, वह दंडनीय अपराध है। निलेशकुमार महादेव ने बताया कि इसके अतिरिक्त यदि किसी नागरिक द्वारा गणना प्रपत्र में ऐसी घोषणा की जाती है जो गलत है, या जिसके बारे में वह जानता है कि वह सत्य नहीं है, तो यह भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अंतर्गत अपराध माना जाएगा।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने प्रपत्रों को भरते समय पूरी ईमानदारी और सचेतनता से काम लें। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस वर्ष विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान तकनीकी साधनों के माध्यम से सभी प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी प्रकार का दुरुपयोग या दोहराव न हो और मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत प्रपत्र जमा करता है या किसी मृत व्यक्ति का प्रपत्र जमा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, कारावास या दोनों दंड की संभावना है। इस प्रकार की चेतावनी से यह स्पष्ट हो जाता है कि निर्वाचन आयोग नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सही जानकारी पर विशेष ध्यान दे रहा है। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने निर्वाचन अधिकारों का प्रयोग जिम्मेदारी के साथ करें और किसी भी गलत जानकारी को साझा करने से बचें। साथ ही उन्होंने बताया कि इस वर्ष के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नागरिकों की सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग कर वे किसी भी प्रश्न या शंका का समाधान कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग का यह कदम छत्तीसगढ़ में पारदर्शी और निष्पक्ष मतदाता सूची बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस अभियान के माध्यम से राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की मजबूती बढ़ेगी और नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।