रायपुर: राजधानी रायपुर में रात के समय साठ हजार स्ट्रील जलते है लेकिन पिछले कई महीनों से सैकड़ों की संख्या में स्ट्रीट लाइट या तो खराब या बंद पड़े हुए।सड़क पर अंधेरा होने का फायदा असामाजिक तत्व उठाकर लूटपाट, मारपीट, चाकूबाजी आदि की घटना को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं। शहर भर में स्ट्रीट लाइट बंद होने की लगातार मिल रही शिकायत के बाद निगम प्रशासन की नींद खुली। गुरुवार को आयुक्त निर्देश पर विद्युत, यांत्रिकी एवं अग्निशमन विभाग के भारसाधक सदस्य अजीत कुकरेजा और निगम अपर आयुक्त अभिषेक अग्रवाल ने निगम विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक ली।

बैठक में विभाग के भारसाधक सदस्य अजीत कुकरेजा ने दस जोन में स्थापित 60 हजार नग स्ट्रीट लाइटों के त्वरित संधारण, संचालन करने में किसी तरह की कोताही न बरतने के निर्देश दिए। इस संबंध में भारत सरकार की अनुबंधित कंपनी ईईएसएल को शहर के करीब 15 सौ बंद लाइटों को सात दिनों के भीतर सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया।
इसके लिए ईईएसएल को टीम बढ़ाकर 25 टीम करने कहा गया।ईईएसएल को पर्याप्त मात्रा में स्ट्रीट लाइट फीटिंग, संधारण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ सीसीएमएस के संधारण को लेकर जमकर फटकार लगाई।ईईएसएल कंपनी को चेताया गया कि स्ट्रीट लाइट बंद होने की स्थिति में नियमानुसार पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
भारसाधक सदस्य कुकरेजा ने जोन की सभी टीमों को निर्देशित किया गया कि स्ट्रीट लाइट की शिकायतों को निदान 1100 में दर्ज कराये, जिससे उनके समयसीमा में निराकरण और आनलाइन मानिटरिंग हो सके।बैठक में नगर निगम विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कमलेश वर्मा, सहायक अभियंता संदीप शर्मा समेत सभी उप अभियंतागण,नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के साथ ईईएसएल की टीम शामिल थी।

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