गोलबाजार में अतिक्रमण हटाने के दौरान एएसपी ट्रैफिक और व्यापारियों में विवाद, वीडियो वायरल
छग
Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर के गोलबाजार में अतिक्रमण हटाने और अवैध पार्किंग हटाने के प्रयास के दौरान एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे और स्थानीय व्यापारियों के बीच तीखी बहस हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे अपनी टीम के साथ गोलबाजार और सदर बाजार जैसे व्यस्ततम इलाकों में यातायात सुधार और अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे थे। उनकी टीम ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को जब्त करना शुरू किया, जिससे व्यापारियों में नाराजगी फैल गई। विवाद तब और बढ़ गया जब एक व्यापारी ने तंज कसते हुए एएसपी से कहा, “सर, मैं आपकी पढ़ाई को दाद देता हूं… गलत बोलेंगे तो विरोध करेंगे।”
बहस का मुख्य मुद्दा सफेद पट्टी वाली पार्किंग रही। व्यापारियों का दावा था कि वे निर्धारित स्थान पर वाहन खड़े कर रहे हैं, जबकि एएसपी का कहना था कि सड़क को खाली करना आवश्यक है ताकि यातायात व्यवस्थित रह सके। एएसपी करियारे ने स्पष्ट किया कि सड़क किसी की निजी संपत्ति नहीं है और सड़क पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और वे प्रशासन से बातचीत के माध्यम से समाधान चाहते हैं। वहीं, एएसपी ने कहा कि ट्रैफिक सुधार और सड़क सुरक्षा प्राथमिकता है, और यह कार्रवाई जनता की सुविधा और सड़क यातायात के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य है। इस दौरान कुछ व्यापारियों ने सोशल मीडिया पर भी विरोध जताया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों में शब्दों की बहस और आरोप–प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने और अवैध पार्किंग पर निगरानी लगातार जारी रहेगी, और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सड़क को खाली रखा जाता है तो वाहनों की आवाजाही और पैदल चलने वालों की सुरक्षा बेहतर होगी। प्रशासन की यह पहल शहर में यातायात सुधारने के उद्देश्य से की जा रही है। गौरतलब है कि बिलासपुर के व्यस्ततम बाजारों में सड़क अतिक्रमण और अवैध पार्किंग लंबे समय से समस्या रही है। प्रशासन ने बार-बार चेतावनी देने के बाद अब सख्त कार्रवाई शुरू की है। एएसपी ट्रैफिक का कहना है कि यह कदम लोगों की सुविधा और सुरक्षित सड़क यातायात सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।