Dhamtari. धमतरी। जिले में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और बढ़ते साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में थाना अकलाडोंगरी पुलिस द्वारा विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
अकलाडोंगरी पुलिस ने "सजग विद्यार्थी, सुरक्षित समाज" के उद्देश्य को लेकर शासकीय प्राथमिक शाला भिड़ावर और शासकीय माध्यमिक शाला भिड़ावर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी सउनि. अरविंद नेताम और पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकता है। नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि कम उम्र में नशे की आदत भविष्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी को नशे से पूरी तरह दूरी बनाकर स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनानी चाहिए।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे के कारण व्यक्ति की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कई बार वह गलत रास्ते पर चला जाता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करें। कार्यक्रम में साइबर अपराधों को लेकर भी विशेष जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी फर्जी कॉल, नकली लिंक, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट और मोबाइल का उपयोग करते समय सतर्कता रखना बेहद जरूरी है।
विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। पुलिस ने छात्रों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, बैंक संबंधी जानकारी या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। साथ ही किसी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता जांचना आवश्यक है। पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस और संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि समय पर शिकायत करने से साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलती है और कई मामलों में नुकसान को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। पुलिस का कहना है कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक होगा, तभी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भिड़ावर के प्रधानपाठक धर्मराज मंडावी, शिक्षक विनय कुमार त्रिपाठी, टोमन लाल साहू, भारत भूषण साहू, विष्णुदास दुबे, श्रीमती रंजीता सलाम, थाना अकलाडोंगरी का पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
धमतरी पुलिस का कहना है कि जिले में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। पुलिस का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उन्हें साइबर अपराधों तथा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाना है। पुलिस का विश्वास है कि जागरूक विद्यार्थी ही सुरक्षित और मजबूत समाज की नींव तैयार कर सकते हैं।