साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत 11 आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2025-10-11 13:22 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 262 फर्जी आईडी बनाकर देशभर में हजारों लोगों से मैट्रिमोनी फ्रॉड के नाम पर करोड़ों की ठगी की थी। इन फर्जी अकाउंट्स के 50 लाख से अधिक फॉलोवर्स थे। पुलिस ने छापेमारी कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 36 मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश मिश्रा के निर्देश पर की गई, जिन्होंने सभी जिलों को साइबर अपराधों पर सख्त निगरानी और ठगी में संलिप्त लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

कैसे चलता था साइबर फ्रॉड का नेटवर्क
साइबर थाना रायपुर द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिछले दो सालों से जमशेदपुर (झारखंड) और सरकंडा (बिलासपुर, छत्तीसगढ़) में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर रहे थे। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल बनाते थे — जिसमें आकर्षक फोटो लगाकर मोबाइल नंबर के साथ वायरल किया जाता था। इन फर्जी अकाउंट्स के जरिए “मैट्रिमोनी फ्रॉड” (विवाह के नाम पर ठगी) किया जाता था। आरोपी विवाह के इच्छुक लोगों को झूठे बायोडाटा, पता और फोन नंबर भेजकर भरोसा जीतते और फिर विभिन्न बहानों से रकम वसूल लेते थे। जांच में पाया गया कि ये लोग म्यूल बैंक अकाउंट्स (फर्जी खातों) का इस्तेमाल कर ठगी की रकम अलग-अलग राज्यों में ट्रांसफर करते थे, ताकि ट्रांजेक्शन को ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।

जांच की शुरुआत: HDFC बैंक खातों से मिली सुराग
IG अमरेश मिश्रा के आदेश पर साइबर क्राइम पोर्टल में रिपोर्टेड म्यूल बैंक खातों की जांच शुरू की गई। थाना डी.डी. नगर रायपुर में HDFC बैंक में खुले 79 फर्जी खातों के खिलाफ अपराध क्रमांक 424/25, धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, एक ही व्यक्ति के कई अकाउंट्स और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि ठगों ने फर्जी मैट्रिमोनी साइट्स बनाकर सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उनसे मिली जानकारी और मोबाइल डेटा विश्लेषण के बाद टीम ने झारखंड और छत्तीसगढ़ में छापेमारी कर 11 और आरोपियों को दबोच लिया।

दो राज्यों में एक साथ रेड
पुलिस की टीम ने जमशेदपुर (झारखंड) में रेड कर 3 आरोपियों को और बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में रेड कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाते थे और ठगी की रकम को अलग-अलग म्यूल अकाउंट्स के जरिए ट्रांसफर करते थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों से 36 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, सिम कार्ड, ATM कार्ड और डिजिटल उपकरण जब्त किए।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते
1️⃣ शुभम दास, पिता नीलकांत दास, उम्र 26 वर्ष, निवासी चाकुलिया, जमशेदपुर (झारखंड)
2️⃣ लक्ष्मण गोप, पिता स्व. सुधीर गोप, उम्र 29 वर्ष, निवासी लोधाषोली, चाकुलिया, जमशेदपुर (झारखंड)
3️⃣ असित पातर, पिता सुनील पातर, उम्र 24 वर्ष, निवासी काला पाथर, चाकुलिया, जमशेदपुर (झारखंड)
4️⃣ सूरज कुमार पटेल, पिता स्व. खेलनराम पटेल, उम्र 21 वर्ष, निवासी चांटीडीह, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
5️⃣ सुखसागर कैवर्त, पिता स्व. केजूराम कैवर्त, उम्र 22 वर्ष, निवासी पठान मोहल्ला, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
6️⃣ मानसु डाहिरे, पिता देवप्रसाद, उम्र 21 वर्ष, निवासी हनुमान मंदिर, रामायण चौक, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
7️⃣ अनिकेत कुलदीप, पिता हरनारायण कुलदीप, उम्र 20 वर्ष, निवासी रायगढ़, हाल निवासी सरकंडा, बिलासपुर
8️⃣ करण पुष्पकार, पिता समारू पुष्पकार, उम्र 22 वर्ष, निवासी पुराना सरकंडा, बिलासपुर
9️⃣ रमाकांत गंधर्व, पिता ज्योतिष लाल गंधर्व, उम्र 22 वर्ष, निवासी पंडरिया, कबीरधाम
10️⃣ सिराज खान, पिता सलीम खान, उम्र 20 वर्ष, निवासी अशोक नगर, बिलासपुर
11️⃣ त्रियंबक कुमार भास्कर उर्फ बाबू, पिता महिपाल प्रसाद भास्कर, उम्र 27 वर्ष, निवासी कोरिया जिला, हाल बिलासपुर

पुलिस जांच में बड़ा नेटवर्क उजागर
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गैंग देश के कई राज्यों — झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली — में सक्रिय था। सोशल मीडिया पर बनाई गई फर्जी आईडी से लाखों लोगों तक पहुंच बनाकर ये ठग लोगों को भ्रमित करते और उनसे ऑनलाइन लेन-देन के जरिए रकम वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में हजारों पीड़ितों से ठगी की है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल विश्लेषण से इस नेटवर्क के और कई सदस्य सामने आएंगे।

IG अमरेश मिश्रा का बयान
IG अमरेश मिश्रा ने बताया कि “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत साइबर अपराधों पर लगातार कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा- “फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी करने वाले नेटवर्क पर नकेल कसना हमारी प्राथमिकता है। साइबर अपराध में संलिप्त सभी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर अनजान आईडी या प्रोफाइल से संपर्क करने से पहले सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा रहा है। साइबर थाना रायपुर ने बताया कि मामले में विस्तृत तकनीकी जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। रायपुर पुलिस का यह अभियान प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है, जिसने पूरे नेटवर्क को उजागर कर साइबर सुरक्षा में नई मिसाल कायम की है।
Tags:    

Similar News