Raigarh. रायगढ़। शासकीय महाविद्यालय कोतरारोड में शुक्रवार 21 नवंबर 2025 को साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रायगढ़ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन और एडिशनल एसपी आकाश मरकाम के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में साइबर सेल और साइबर वॉलिंटियर्स ने मिलकर छात्रों और शिक्षकगण को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डीएसपी अनिल विश्वकर्मा थे। उन्होंने छात्रों को डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, उनके नवीन तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने नकली मेट्रो-मिनी साइट्स, फर्जी ऐप, डिजिटल अरेस्ट और अन्य ऑनलाइन ठगी के उदाहरण देकर समझाया कि कैसे साइबर अपराधियों का शिकार न बनें। डीएसपी विश्वकर्मा ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है और इसे समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है।
डीएसपी ने छात्रों और शिक्षकों को चेतावनी दी कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, संदिग्ध कॉल, फर्जी ऐप या किसी भी प्रकार के संदेश जो आर्थिक जानकारी मांगते हों, से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी संदेहास्पद गतिविधि नजर आए तो तुरंत संबंधित अधिकारियों या साइबर सेल को इसकी रिपोर्ट करें। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल सुरक्षा के लिए परिवार और समाज के हर सदस्य को सजग रहना होगा। साइबर अपराध रोकथाम में समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए डीएसपी विश्वकर्मा ने कहा कि जो भी जागरूकता संदेश, वीडियो या सूचना प्राप्त हो, उसे अधिक से अधिक लोगों तक साझा करना चाहिए। इस तरह हर व्यक्ति साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रह सकेगा और ऑनलाइन ठगी या धोखाधड़ी का शिकार नहीं होगा। कार्यक्रम में साइबर सेल के प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे। छात्रों ने कार्यक्रम में उत्सुकता दिखाते हुए कई प्रश्न पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी वेबसाइट और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के तरीकों से पूरी तरह परिचित कराना था। साइबर जागरूकता कार्यक्रम ने छात्रों को डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन सावधानी के महत्व के प्रति सजग किया। पुलिस और साइबर सेल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी नागरिक डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें और साइबर अपराधों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।