साइबर जागृति अभियान: बालाजी विद्या मंदिर में छात्रों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए उपाय
छग
Raipur. रायपुर। बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने श्री बालाजी विद्या मंदिर, देवेन्द्र नगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन एवं सेंट्रल जोन के संयुक्त प्रयास से थाना देवेन्द्र नगर क्षेत्र अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के लिए सक्षम बनाना था।
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले (IPS) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। वहीं पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप और पुलिस उपायुक्त सेंट्रल जोन श्री तारकेश्वर पटेल के पर्यवेक्षण में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और साइबर अपराधों से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने, ऑनलाइन बातचीत के दौरान अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अभिभावकों और पुलिस को देने की सलाह दी।
फर्जी लिंक और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। फर्जी लिंक, संदिग्ध मैसेज, नकली केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर ठगी और ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामलों से सावधान रहने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं को समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचना चाहिए। पुलिस ने विद्यार्थियों को OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।
“संवाद से समाधान” के तहत बच्चों से चर्चा
कार्यक्रम के दौरान “संवाद से समाधान” पहल के तहत विद्यार्थियों से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े विषयों पर बातचीत की गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को प्रेरित किया कि वे किसी भी परेशानी, दबाव या संदिग्ध स्थिति में चुप न रहें। अपनी समस्याओं को माता-पिता, शिक्षकों और पुलिस के साथ साझा करें, ताकि समय रहते सहायता मिल सके। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और किसी भी असहज स्थिति में तुरंत भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेने की समझाइश दी गई।
घर जाकर परिजनों को भी जागरूक करने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल खुद ही साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन न करें, बल्कि अपने घर जाकर माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए सामूहिक जागरूकता जरूरी है। हर व्यक्ति यदि डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहेगा तो साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने अपील की कि डिजिटल सेवाओं का उपयोग सावधानी और सतर्कता के साथ करें। साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय है।