रायगढ़: छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशवासियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 23 से 29 अगस्त तक द्वितीय सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी एवं UPI सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोटवारों को थाना आहूत कर साइबर अपराध एवं उससे बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने कोटवारों को गांव-गांव तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की अपील की, ताकि ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखा जा सके।
कोटवारों को दिए गए महत्वपूर्ण सुरक्षा संदेश
थाना प्रभारी द्वारा ग्राम कोटवारों को समझाइश दी गई कि वित्तीय लेनदेन करते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।
• OTP, ATM PIN, UPI PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी से भी साझा न करें।
• फोन पर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या किसी अन्य संस्था का कर्मचारी बनकर जानकारी मांगने वालों से सतर्क रहें।
• फर्जी कॉल, मैसेज एवं संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
• किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें।
• सुरक्षित बैंकिंग एवं राशि निकासी के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
• किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
• गांव में आयोजित होने वाली बैठकों एवं जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने कोटवारों से कहा कि वे गांवों में पुलिस और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हुए साइबर ठगी से बचाव का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। समय रहते सावधानी बरतना ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
रायगढ़ पुलिस की अपील
“सावधानी ही सुरक्षा है—OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।”
Tags: