पार्षद-व्यापारी विवाद: ज्वेलरी व्यापारी और बीजेपी पार्षद पर एक-दूसरे के खिलाफ FIR
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Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के जामुल पालिका परिषद में सोमवार को एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। वार्ड क्रमांक-5 गणेश नगर से बीजेपी पार्षद दीपक गुप्ता और ज्वेलरी व्यापारी केशव सोनी के बीच पुरानी रंजिश के कारण मारपीट हुई। इस घटना में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जामुल थाना में FIR दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार घटना सोमवार 20 जनवरी 2026 की दोपहर लगभग 3.30 बजे हुई। पार्षद दीपक गुप्ता ने शिकायत में कहा कि वह अपने काम से नगर पालिका परिषद कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान ठेठवार मोहल्ला में वर्मा के घर के पास अचानक केशव सोनी उनके रास्ते में आ गए। पार्षद के अनुसार, व्यापारी ने बिना किसी कारण के गाली-गलौच शुरू कर दी और धमकी देते हुए पास रखे लकड़ी के डंडे से उनके सिर पर हमला किया। इस हमले में पार्षद के सिर, बाईं आंख और हाथ की उंगली में चोट आई और खून बहने लगा।
दूसरे पक्ष से ज्वेलरी व्यापारी केशव सोनी ने भी पार्षद दीपक गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाया है। केशव सोनी ने अपनी FIR में बताया कि वह गांव किरना (तिल्दा नेवरा) से धान बेचकर लौट रहे थे और अपने कर्मचारी को शिवपुरी जामुल में छोड़ने के बाद घर जा रहे थे। इसी दौरान ठेठवार पारा सुभाष नगर में दीपक गुप्ता ने उन्हें रुकने के लिए कहा और पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौच शुरू कर दी। इसके बाद, दीपक गुप्ता ने जान से मारने की धमकी देते हुए प्लास्टिक पाइप से हमला किया। व्यापारी ने आरोप लगाया कि इसके बाद पार्षद ने अपने भाई बबलू गुप्ता को बुला लिया और दोनों मिलकर उस पर हमला किया। जामुल थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने आरोपों के आधार पर FIR दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मामले में मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की मानें तो पार्षद और व्यापारी के बीच पहले से पुराना विवाद था। दोनों के बीच आर्थिक और राजनीतिक मतभेदों के कारण समय-समय पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न होती रही है। जामुल क्षेत्र के निवासी भी इस घटना से चिंतित हैं और दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। FIR में दोनों पक्षों के आरोपों का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि कौन किस मामले में दोषी है। राजनीतिक और व्यवसायिक विवाद कभी-कभी हिंसक घटनाओं का रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में तटस्थ जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे संघर्ष दोबारा न हों। जामुल थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि पुलिस जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई कोताही नहीं होगी। वहीं, दोनों पक्षों ने भी घटनास्थल से शांतिपूर्ण रवैया अपनाने का भरोसा दिया है। इस घटना ने जामुल क्षेत्र में सनसनी मचा दी है और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं प्रशासन और पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।