भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिक की मौत, प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज

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Update: 2025-09-06 15:22 GMT
Bhilai. भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में तीन साल पहले हुई एक ठेका श्रमिक की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से संयंत्र प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।
घटना की पृष्ठभूमि
मामला 9 जून 2022 का है। मृतक अर्जुन साहू (42 वर्ष), पिता पुनु साहू, निवासी बजरंग चौक, जोरातरई थाना उतई, जिला दुर्ग ठेका श्रमिक के रूप में एसएमएस-2 कनवर्टर शॉप भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत था। दोपहर करीब 2:30 बजे काम के दौरान कनवर्टर "ए" के ड्राइव स्प्रोकेट में लगी ट्रांसमिशन चैन अचानक गिर गई और अर्जुन साहू के सिर पर आकर लगी। इससे उसे गंभीर चोट आई। तत्काल उसे मेन मेडिकल पोस्ट, बीएसपी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच और मर्ग दर्ज
घटना के बाद भिलाई भट्टी थाना ने मर्ग क्रमांक 23/2022, धारा 174 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान गवाह अमरदास, धनीराम बंजारे, कुंजलाल बघेल और अन्य श्रमिकों के बयान दर्ज किए गए। संपूर्ण जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि घटना लापरवाही और संयंत्र प्रबंधन की उपेक्षा के कारण हुई।
लापरवाही पर FIR
तीन साल बाद, गहन विवेचना के आधार पर पुलिस ने अब अपराध क्रमांक 126/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से हुई मृत्यु) में मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने माना कि संयंत्र प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमी थी, जिसके चलते श्रमिक अर्जुन साहू की मौत हुई।
किस पर होगी कार्रवाई?
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक, मुख्य महाप्रबंधक, सहायक महाप्रबंधक और मैनेजर स्तर के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन अधिकारियों पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। यह मामला न केवल प्रबंधन की जवाबदेही बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस अधिकारियों की टिप्पणी
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया “मेडिकल सूचना और गवाहों के बयान के आधार पर स्पष्ट है कि यह हादसा प्रबंधन की लापरवाही से हुआ। श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है, जिसे गंभीर रूप से नजरअंदाज किया गया। मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।”
परिवार और श्रमिक संगठन की प्रतिक्रिया
मृतक अर्जुन साहू के परिजनों ने घटना के बाद से ही प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। श्रमिक संगठनों ने भी इस हादसे को लेकर सुरक्षा मानकों की कमी पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि संयंत्र में सुरक्षा उपकरण और निगरानी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, जिसके चलते अक्सर मजदूरों की जान पर बन आती है। अब जब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, तो श्रमिक संगठनों ने इसे “न्याय की दिशा में पहला कदम” बताया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की कार्रवाई की खबर मिलते ही भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, अब प्रबंधन उच्च स्तर पर कानूनी परामर्श ले रहा है और इस मामले से निपटने की रणनीति बना रहा है।
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