Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़–बिलाईगढ़। जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निराकरण को लेकर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले के समस्त राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण एवं सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय, समूह, व्यावसायिक एवं शैक्षणिक ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने बिलाईगढ़ स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में विभागीय ऋण प्रकरणों के लंबे समय से लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित शाखा प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी लंबित विभागीय लोन प्रकरणों को शीघ्र स्वीकृत कर पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया जाए। इसी प्रकार इंडियन बैंक पेंड्रावन शाखा में भी लंबित विभागीय ऋण प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले की विभिन्न एसबीआई शाखाओं में समूह ऋण (ग्रुप लोन) के अनेक प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं, जिससे स्वयं सहायता समूहों और हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकृत किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न की जाए। बैठक में यह भी सामने आया कि एसबीआई सारंगढ़ शाखा में विगत छह माह से विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत ऋण राशि का भुगतान नहीं किया गया है तथा ऋण प्रक्रिया भी लंबित है। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित ऋण प्रकरणों को शीघ्र स्वीकृत कर राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्पष्ट किया कि जिला स्तरीय बैठकों की कार्यवाही (प्रोसीडिंग) के अनुसार जिन-जिन बैंकों में जो-जो ऋण प्रकरण लंबित हैं।
उनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण अनिवार्य है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से संबंधित क्लेम प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जीवन ज्योति योजना का कोई भी दावा प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए और सभी क्लेम का तत्काल निराकरण किया जाए। इसके साथ ही व्यवसाय, शिक्षा एवं स्वरोजगार से संबंधित ऋण प्रकरणों का निपटारा शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार करने पर जोर दिया गया, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा नाबार्ड बैंक का बुकलेट भी जारी किया गया। उन्होंने बैंक और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले में ऋण वितरण की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित जिले के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण लेने पर अनुदान का लाभ सीधे हितग्राहियों को प्रदान किया जाता है, जिससे स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।