बच्चों के पटाखा विवाद में मारपीट, दोनों पक्षों पर पुलिस ने दर्ज किए मामले
छग
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बच्चों के पटाखा फोड़ने को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद में जमकर मारपीट हुई। घटना तमनार थाना क्षेत्र की है। पुलिस को सूचना मिलने के बाद दोनों पक्षों के कुल 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना की जानकारी ग्राम टपरंगा निवासी 75 वर्षीय धनंजय दुबे ने दी। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वे अपने बेटे अनिल कुमार और सुशील कुमार के साथ गोपी पटेल कॉलोनी में रहते हैं। वहीं धनंजय के छोटे भाई का बेटा प्रकाश कुमार दुबे (21) भी वहीं रहता है। धनतेरस की रात को धनंजय के घर के छोटे बच्चे आंगन में पटाखा फोड़ रहे थे, तभी प्रकाश कुमार दुबे ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर सुशील कुमार ने कहा कि “बच्चे हैं, फोड़ रहे हैं, तो क्या हुआ, फोड़ने दो।” इसके बाद दोनों पक्षों में गाली-गलौज और बहस शुरू हो गई। जब धनंजय दुबे झगड़ा शांत कराने गए, तो प्रकाश का भाई संजय दुबे ने उन पर गालियां दी। जान से मारने की धमकी देते हुए रॉड से मारपीट शुरू कर दी। घटना में धनंजय के साथ प्रकाश और उर्मिला ने भी मारपीट की। मारपीट में धनंजय के सिर पर चोट लगी, और उन्हें खून बहने लगा।
उनके बेटे सुशील ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने संजय दुबे, प्रकाश दुबे और उर्मिला के खिलाफ थाना तमनार में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं, घटना के तुरंत बाद प्रकाश दुबे ने भी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बच्चों को पटाखा फोड़ने से मना किया, तो सुशील और अनिल दुबे ने गाली देने और जान से मारने की धमकी देते हुए लोहे की छड़ से मारपीट की। इस मारपीट में प्रकाश की कनपटी पर चोट लगी और खून बहने लगा। घटना के बाद पुलिस ने सुशील और अनिल दुबे के खिलाफ भी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है और सभी घायल लोगों का मेडिकल जांच कराया गया है। इस प्रकार की घटनाओं में स्थानीय विवाद बढ़कर हिंसा में बदल जाता है, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखा फोड़ने को लेकर छोटे विवाद भी कभी-कभी गंभीर परिणाम दे सकते हैं, इसलिए विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करना आवश्यक है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या मारपीट की घटना हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि त्योहारों के दौरान बच्चों के पटाखा फोड़ने जैसी मामूली चीज़ें भी पारिवारिक और पड़ोसी विवाद का कारण बन सकती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और मध्यस्थता आवश्यक होती है।