Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में किसानों को सहकारी सुविधाएं मजबूत करने के उद्देश्य से 15 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। यह शुभारंभ मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रदेश की कुल 515 नवीन समितियों के साथ किया गया। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। जिले में जिन 15 नई समितियों का शुभारंभ किया गया उनमें भड़िसार, बोहराबहाल, गौरडीह, अमुर्रा, बरगांव, धनीगांव, बोईरडीह, सेन्दुरस, मढाईभांठा, धारासीव, सालिहाघाट, पचरी, देवसागर, रोहिना और टाटा शामिल हैं।
इन समितियों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम में बताया गया कि इन समितियों के शुरू होने से किसानों को अब खाद, बीज और कृषि ऋण जैसी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। पहले जहां किसानों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब उन्हें अपने ही क्षेत्र में यह सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। नई समितियों के गठन से धान खरीदी केंद्रों तक पहुंच भी आसान होगी, जिससे किसानों के समय और परिवहन खर्च दोनों में कमी आएगी। साथ ही ऋण वितरण, पंजीयन और अन्य सहकारी प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी हो सकेंगी। इससे किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सहकारी समितियों के विस्तार से कृषि गतिविधियों में गति आने की संभावना है।
इस अवसर पर मौजूद किसानों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि इससे किसानों की समस्याएं कम होंगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और आसानी से मिल सकेगा। इसी कार्यक्रम के साथ एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई कि सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम अंडोला में 16 अप्रैल को जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में कलेक्टर Dr. Sanjay Kannouje सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस शिविर में आम जनता की शिकायतों और मांगों से जुड़े आवेदन लिए जाएंगे और उनका मौके पर निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा अपनी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिया जाएगा और आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम होगी और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा।