Raipur. रायपुर। सुशासन के मार्ग पर अग्रसर छत्तीसगढ़ सरकार को एक बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। राज्य की वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रहण दर इस वर्ष 18% रही, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। इस उपलब्धि को लेकर बुधवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभागीय कार्यों और अब तक के राजस्व संग्रहण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कर अपवंचन की रोकथाम, जीएसटी संग्रहण में पारदर्शिता, और सशक्त निगरानी तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।


GST चोरी पर सख्ती के निर्देश
मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कर संग्रहण को नियमों के अनुरूप बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीतियाँ अपनाई जाएं ताकि राज्य के राजस्व को मजबूती मिल सके और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में कर अपवंचन के मामलों की पहचान, जांच और नियंत्रण के लिए उपयोगी उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, तकनीकी निगरानी और डेटा एनालिटिक्स के बेहतर इस्तेमाल के लिए आवश्यक संसाधनों को सशक्त करने के
सुझाव
भी सामने आए।

राजस्व मजबूती से विकास को मिलेगी गति
वित्त मंत्री ने कहा कि कर संग्रहण की मजबूती से न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, बल्कि इससे विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से लगातार फील्ड निरीक्षण, व्यापारी संवाद और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने को कहा।
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