चेन स्नेचिंग आरोपी थाने से फरार, सुरक्षा में लापरवाही पर आरक्षक सस्पेंड
छग
Bilaspur. बिलासपुर। जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र में एक चेन स्नेचिंग के आरोपी के थाने से फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपी मोहन कोल, ग्राम नेवरा का निवासी, रविवार को तखतपुर थाना में पूछताछ के बाद हिरासत में रखा गया था। उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर भेजने की तैयारी की जा रही थी। इस दौरान सुरक्षा में लापरवाही के चलते आरोपी ने मौका पाकर फरार हो गया, जिस पर एसएसपी रजनेश सिंह ने संबंधित आरक्षक को सस्पेंड कर दिया। जानकारी के अनुसार, तखतपुर थाना क्षेत्र के बेलपान में माघी मेला चल रहा था।
उसी दौरान एक चेन स्नेचिंग की घटना सामने आई। सूचना मिलते ही टीआई विवेक पांडेय अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को हुलिए के आधार पर पकड़कर थाने ले जाया और पूछताछ की। आरोपी मोहन कोल को हिरासत में रखने के बाद सुबह कोर्ट में पेश करने की तैयारी थी। अस्पष्टता और सुरक्षा की लापरवाही का फायदा उठाते हुए आरोपी ने बाथरूम जाने के बहाने हथकड़ी खुलवाने की मांग की। थाने में तैनात आरक्षक सुरेंद्र डहरिया ने इसे अनुमति दे दी। इस अवसर का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
आरोपी के फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आरक्षक और अन्य कर्मियों ने आरोपी को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। इसके बाद टीआई विवेक पांडेय को इस घटना की जानकारी दी गई। उन्होंने तुरंत एसएसपी रजनेश सिंह को सूचित किया। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर हथकड़ी खोलने वाले आरक्षक सुरेंद्र डहरिया को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पुलिस अब आरोपी मोहन कोल की तलाश में छापेमारी और निगरानी बढ़ा रही है। आसपास के क्षेत्रों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी के फरार होने से जिले में सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखते ही तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर सूचित करें। पुलिस का मानना है कि नागरिक सहयोग से ही ऐसे फरार आरोपियों को शीघ्र पकड़ा जा सकता है और कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि थाने और हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। अधिकारियों ने पूरे जिले में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।