Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। ग्राम पीपरछेड़ी निवासी 26 वर्षीय सोमेन्द्र कुमार, जो दंतेवाड़ा के नगरनार में ए.सी. ऑपरेटर का काम करता था, अपने पैतृक गांव आया हुआ था। लेकिन घर लौटने की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। देर रात घर से निकले सोमेन्द्र का शव सुबह सड़क पर पड़ा मिला। यह हादसा एक अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ, जिसने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सोमेन्द्र को कुचल दिया। जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त 2025 की शाम करीब 5 बजे सोमेन्द्र अपने घर पीपरछेड़ी पहुंचा। रात को उसने परिवार के साथ खाना खाया और फिर मोहल्ले के पड़ोसियों के साथ बैठकर शादी-ब्याह और घरेलू चर्चाओं में शामिल हुआ। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने घर चले गए।
रात करीब 10:30 बजे सोमेन्द्र ने परिवार को बताया कि वह थोड़ी देर टहलने गली की तरफ जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। सुबह 25 अगस्त को करीब 5 बजे गांव के मुख्य मार्ग पर तालाब के पास लोगों ने सोमेन्द्र का शव देखा। ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचकर परिवार ने देखा कि सोमेन्द्र के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और खून बहने से उसकी मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा रात में हुआ, जब कोई अज्ञात वाहन तेज रफ्तार में लापरवाहीपूर्वक गुजर रहा था। उसी वाहन ने सोमेन्द्र को टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी लगते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने पुलिस को बयान दिया कि सोमेन्द्र पूरी तरह स्वस्थ और खुशमिजाज था, लेकिन इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
मामले की सूचना पर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों और संभावित गवाहों के आधार पर वाहन और आरोपी चालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। गांव में इस हादसे को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्य सड़क पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन से सड़क पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा इंतजाम की मांग भी उठ रही है। सोमेन्द्र की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता, चाचा और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। पूरे गांव में गमगीन माहौल है। लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।