Jashpur. जशपुर। शनिवार दोपहर जशपुर में एक भीषण सड़क हादसे में कपड़ा कारोबारी कनक चिंडालिया के छोटे बेटे चेतन जैन की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनके तीन दोस्त प्रांजल दास, प्रिंशु ठाकुर और हिमांशु डनसेना गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया। घटना के बाद जिला अस्पताल में एंबुलेंस में डीजल न होने के कारण घायलों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा जिला मुख्यालय जशपुर के बालाछापर मार्ग पर हुआ। चेतन जैन अपनी टाटा हैरियर कार (क्रमांक जेएच 01 एफएल 1818) चला रहे थे, जो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और चेतन जैन की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चेतन जैन अपने दोस्तों के साथ शनिवार सुबह लगभग 10:30 बजे नगेरा पत्थर आरा की ओर गिट्टी खदान का निरीक्षण करने निकले थे। वापसी के दौरान बालाछापर स्थित कोरवा हॉस्टल के सामने यह दुर्घटना हुई। स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को जिला अस्पताल जशपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने चेतन जैन को अस्पताल पहुंचने के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्रांजल दास, प्रिंशु ठाकुर और हिमांशु डनसेना को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च उपचार के लिए रांची रेफर किया गया। प्रांजल दास की हालत नाजुक बताई जा रही है, जबकि प्रिंशु ठाकुर और हिमांशु की हालत भी स्थिर नहीं है। घायलों को रांची ले जाने के दौरान एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होने से भारी परेशानी हुई। बताया जा रहा है कि अस्पताल की एंबुलेंस में डीजल नहीं था, जिसके कारण घायलों को भेजने में देरी हुई। इस लापरवाही को लेकर अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई।
इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. विपिन इंदवार ने बताया कि, “एम्बुलेंस में डीजल था, लेकिन तीनों घायलों को एक साथ रांची रेफर करना था। इसलिए हमें एक और एंबुलेंस की जरूरत पड़ी, जो मनोरा स्वास्थ्य केंद्र से मंगाई गई। इसी वजह से थोड़ी देरी हुई।” स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटना में समय पर एंबुलेंस की उपलब्धता और उचित तैयारी बेहद आवश्यक है। यदि एंबुलेंस समय पर उपलब्ध होती, तो घायलों को और जल्दी रांची रेफर किया जा सकता था, जिससे उनकी जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने कहा कि हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कार अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर चली गई। आगे की जांच में यह देखा जाएगा कि क्या हादसे का कोई अन्य कारण था। घटना ने जशपुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च गति और सावधानी न बरतने से अक्सर ऐसी गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सड़कों पर और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।