CG: स्कूल में शिक्षक की हैवानियत, शिक्षा विभाग ने किया निलंबित

छग

Update: 2025-11-29 14:17 GMT
Raipur/Balrampur. रायपुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने गिनती में मामूली गलती होने पर एक मासूम छात्र को बेरहमी से पीट दिया। घटना के सामने आते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर–रामानुजगंज ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। यह पूरा मामला रामचंद्रपुर विकासखंड के प्राथमिक शाला जावाखाड़ी का है।

गिनती में गलती और फिर शुरू हुई शिक्षक की बेदर्द मार
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार की है, जब भोजन अवकाश के बाद प्रधानपाठक उदय कुमार यादव कक्षा में पहुंचे और छात्र भागीरथी यादव को गिनती सुनाने के लिए कहा। छात्र द्वारा गिनती में हल्की-सी गलती होने पर शिक्षक अचानक गुस्से में आ गए और बच्चे के चेहरे पर लगातार थप्पड़ बरसाने लगे। मारपीट इतनी गंभीर थी कि छात्र की एक आंख में खून जम गया और उसका चेहरा बुरी तरह सूज गया। दर्द और डर से बिलखते हुए बच्चा किसी तरह घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना बताई।

परिजन सकते में, शराब के नशे में होने का आरोप
मासूम छात्र की हालत देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। छात्र के पिता धनंजय यादव ने बताया कि आरोपी शिक्षक अक्सर स्कूल में नशे की हालत में आता था। परिजनों का आरोप है कि घटना के दिन भी शिक्षक शराब के नशे में था और इसी वजह से उसने मासूम बच्चे के साथ इतनी बर्बरता की। बच्चे की आंख और चेहरे पर लगी गंभीर चोटों को देखकर परिवारवालों ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घटना के बाद परिजन त्रिकुंडा थाना पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अब मामले की जांच पुलिस एवं शिक्षा विभाग दोनों स्तर पर की जा रही है। परिजनों का कहना है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जहां शिक्षक की होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं अभिभावकों के भरोसे को तोड़ देती हैं।

शिक्षा विभाग ने की त्वरित कार्रवाई, शिक्षक निलंबित
घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया और जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक उदय कुमार यादव को तत्काल निलंबित कर दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, निलंबन के साथ-साथ मामले की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि शिक्षक पूर्व में भी स्कूल में शराब पीकर आता था या नहीं। घटना के बाद गांव में भी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक का रवैया पहले भी बच्चों के प्रति कठोर था, लेकिन इस बार हद पार हो गई। अभिभावकों ने मांग की है कि आरोपी शिक्षक पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। छात्र भागीरथी यादव का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, आंख पर लगी चोट गंभीर थी, लेकिन खतरे से बाहर बताया जा रहा है। परिजन अभी भी सदमे में हैं और उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
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