CG: शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती, 1200 से अधिक चालकों पर कार्रवाई
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Bilaspur. बिलासपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर बिलासपुर यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। पुलिस की इस विशेष मुहिम के तहत पिछले माह में 1200 से अधिक शराबी चालकों पर कार्रवाई की गई है। उनके वाहन जब्त कर न्यायालय में प्रकरण पेश किए गए, जिसमें लगभग 1 करोड़ 14 लाख 90 हजार रुपए का अर्थदंड आरोपित किया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के नेतृत्व में चलाई जा रही है। इस अभियान में आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए ब्रीथ एनालाइज़र (एल्कोमीटर) से शराब की मात्रा की त्वरित जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एल्कोमीटर से चालक की स्थिति पलभर में स्पष्ट हो जाती है, जिससे मौके पर ही नशे में वाहन चलाने की पुष्टि हो जाती है।यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक की जान के लिए खतरा है, बल्कि राहगीरों, अन्य वाहन चालकों और आम जनता के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करता है।
क्लच, ब्रेक और स्टीयरिंग पर नियंत्रण खो देने वाले चालक सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं। आंकड़ों के अनुसार अधिकांश सड़क हादसों के पीछे नशे की हालत में वाहन चलाना एक बड़ा कारण है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। जिन चालकों पर बार-बार शराब पीकर वाहन चलाने की शिकायतें मिल रही हैं, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई भी आरटीओ को भेजी जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे नशेड़ी चालकों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उल्लंघन पाए जाने पर वाहन मालिकों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नशे में वाहन चलाने वालों के साथ यात्रा करने से बचें।
यदि किसी चालक के नशे में होने की जानकारी मिले तो तत्काल यातायात पुलिस या नजदीकी थाना को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दे रही है। साथ ही वाहन चालकों को समझाया जा रहा है कि सड़क पर सतर्क रहना कितना आवश्यक है। यातायात पुलिस का कहना है कि नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित यात्रा संभव है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि नशे में वाहन चलाने से दुर्घटना की स्थिति में न केवल चालक बल्कि अन्य लोगों की भी जान जोखिम में पड़ती है।
दुर्घटना के बाद घायल लोगों का उपचार, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से समाज को भारी नुकसान होता है। इसलिए यह अभियान पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ चलाया जा रहा है। वहीं, कई नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि नशेड़ी चालकों पर नियंत्रण से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यात्री संगठनों ने भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई से आम लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वाहन चलाते समय अनुशासन का पालन होगा। यातायात पुलिस का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती और बढ़ाई जाएगी। सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का स्पष्ट संदेश है – “शराब पीकर वाहन चलाना अपराध है, जो न केवल स्वयं बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा करें।”