Dhamtari. धमतरी। जिले में धान कटाई के बाद खेतों में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों और खेतों से उठते धुएं के कारण अब जिला प्रशासन ने पराली जलाने वाले किसानों पर अर्थदंड लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार खेतों में फसल अवशेष जलाने पर किसानों से 2500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। यह कार्रवाई भूमि के रकबे के आधार पर तय की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार 0.80 हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों पर 2500 रुपये, 0.80 से 2.02 हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों पर 5000 रुपये और 2.02 हेक्टेयर से अधिक रकबे वाले किसानों पर 15 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। पिछले कुछ दिनों में जिले के चारों विकासखंडों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे आगजनी का खतरा भी बढ़ गया है। हाल ही में कुरुद ब्लॉक में पराली जलाने के कारण आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसे कृषि विभाग की टीम ने समय रहते नियंत्रित किया।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने से खेत की उपजाऊ ऊपरी परत को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता कम हो जाती है। इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ता है। एक टन पराली जलाने से लगभग 5.5 किलो नाइट्रोजन, 2.3 किलो फास्फोरस, 25 किलो पोटाश और 1.2 किलो सल्फर नष्ट हो जाता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता खराब होती है और किसानों को आगे अधिक मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग करना पड़ता है।
इसके अलावा पराली जलाने से पर्यावरण को भी भारी नुकसान होता है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और आसपास के क्षेत्रों में धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। साथ ही मिट्टी में मौजूद केंचुए और अन्य लाभकारी जीव भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं, जैसे कि फसल अवशेषों का उपयोग खाद निर्माण, पशु चारे या अन्य कृषि उपयोग में करना। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर अभियान भी चलाया जाएगा। कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय टीमों को सक्रिय किया गया है।
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