Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिला पुलिस ने ऑनलाइन गैम्बलिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को रायपुर जिले के तिल्दा से गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मुख्य संचालकों में शामिल था और "शिवा बुक" नामक ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टा एप्लिकेशन का संचालन कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक से जुड़े दस्तावेज सहित कई महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, थाना छुईखदान में दर्ज अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत मामले की जांच की जा रही थी। प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2), आईटी एक्ट की धारा 66(D) और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 के तहत कार्रवाई की गई है। जिला केसीजी पुलिस की टीम ने विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी तरुण वर्मा पिता शिवकुमार वर्मा उम्र 36 वर्ष निवासी सासाहोली वार्ड क्रमांक-21 थाना तिल्दा जिला रायपुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि ऑनलाइन गैम्बलिंग नेटवर्क से जुड़े मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी राहुल देवांगन से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। राहुल देवांगन ने पूछताछ में बताया था कि वह वर्ष 2021 से ऑनलाइन गैंबलिंग पैनल संचालित कर रहा था। शुरुआत में वह मुंबई के पलावा सिटी स्थित फ्लैट से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चला रहा था। इसके बाद करीब छह महीने पहले वह छत्तीसगढ़ वापस आया और धरसींवा थाना क्षेत्र के ग्राम कुंरा से "शिवा बुक" और "जयराम बुक" नामक ऑनलाइन गैंबलिंग पैनल का संचालन करने लगा। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राहुल देवांगन ने छत्तीसगढ़ में सट्टा पैनल चलाने के लिए तिल्दा निवासी तरुण वर्मा से संपर्क किया था।
पुलिस के अनुसार, तरुण वर्मा ने राहुल देवांगन को "शिवा बुक" एप्लिकेशन का पैनल उपलब्ध कराया था। इसके बदले आरोपी को ऑनलाइन सट्टे के कुल कारोबार का 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे अलग-अलग यूपीआई खातों के माध्यम से करीब 8 से 10 लाख रुपये तक कमीशन प्राप्त हुआ है। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी तरुण वर्मा व्हाट्सएप लिंक और मैसेज के माध्यम से राहुल देवांगन के संपर्क में रहता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने ऑनलाइन गैंबलिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन को नष्ट करने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद एचपी कंपनी के लैपटॉप की जांच की, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एक एचपी कंपनी का लैपटॉप, भारतीय स्टेट बैंक की पासबुक, एसबीआई क्रेडिट कार्ड, एसबीआई एटीएम कार्ड और इंडसइंड बैंक का एटीएम कार्ड जब्त किया है। इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। केसीजी पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन गैम्बलिंग और सट्टेबाजी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मास्टरमाइंड सहित पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध ऑनलाइन सट्टा और गेमिंग गतिविधियों से जुड़े लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। डिजिटल माध्यम से संचालित होने वाले ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केसीजी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन गैम्बलिंग और सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें। यदि किसी व्यक्ति को ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें। पुलिस ने कहा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।