CG: गड्ढे में फंसकर पलटी स्कूली बच्चों से भरी ई-रिक्शा, देखें VIDEO...
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Lormi. लोरमी। मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़क पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक ई-रिक्शा सड़क पर बने गड्ढे में फंसकर अनियंत्रित हो गई और पलट गई। राहत की बात यह रही कि ई-रिक्शा में सवार सभी बच्चे सुरक्षित बच गए। हादसे में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई है। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना लोरमी क्षेत्र की एक निर्माणाधीन सड़क पर हुई। बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा में स्कूली बच्चे सवार थे और वाहन चालक बच्चों को लेकर सड़क से गुजर रहा था। इसी दौरान सड़क पर मौजूद बड़े गड्ढे में ई-रिक्शा का पहिया फंस गया। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन सड़क पर ही पलट गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि निर्माणाधीन सड़क से गुजरते समय ई-रिक्शा अचानक गड्ढे की चपेट में आ जाती है। कुछ ही सेकंड में वाहन का संतुलन बिगड़ता है और वह पलट जाती है। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने ई-रिक्शा में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद बच्चों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा काफी गंभीर हो सकता था, क्योंकि ई-रिक्शा में कई स्कूली बच्चे मौजूद थे। समय रहते आसपास के लोगों के पहुंचने से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों ने सड़क निर्माण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिसके कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन बारिश के मौसम में भी गड्ढों को भरने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार किया जाता और गड्ढों को ठीक किया जाता तो स्कूली बच्चों से भरी ई-रिक्शा दुर्घटना का शिकार नहीं होती। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश शुरू होने से पहले ही उन्होंने सड़क की खराब स्थिति को लेकर PWD विभाग को जानकारी दी थी। उन्होंने विभाग और निर्माण एजेंसी से सड़क की मरम्मत तथा सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की थी। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़कों पर अक्सर गड्ढे, मिट्टी और अधूरे काम के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है, लेकिन कई जगहों पर इनका पालन नहीं किया जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अलावा सड़क पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।
लोगों का कहना है कि सड़कें आम जनता की सुविधा के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन यदि निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बरती जाती है तो यही सड़कें हादसों का कारण बन सकती हैं। खासकर स्कूली बच्चों और आम राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभागों को गंभीरता से काम करना चाहिए। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में सड़क निर्माण की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी बच्चे को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।