CG BREAKING: छत्तीसगढ़ में धडल्ले से चल रहा धर्मांतरण का कारोबार, बजरंग दल ने किया हंगामा
छग
Champa. चांपा। छत्तीसगढ़ के चांपा शहर में एक बार फिर से धर्मांतरण का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों और प्रशासन को चौंका दिया है। लाख कोशिशों और सख्ती के बावजूद राज्य में धर्मांतरण की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला चांपा शहर के लायंस चौक इलाके का है, जहां एक किराए के मकान में गुपचुप तरीके से धर्मांतरण का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, इस मकान में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने की प्रक्रिया में शामिल हो रहे थे। बताया जा रहा है कि जब यह मामला स्थानीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं के संज्ञान में आया, तो वे मौके पर पहुंचे और इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। कार्यकर्ताओं ने इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस दल भी मौके पर पहुंचा।
स्थिति को संभालते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस कमरे में करीब 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जो मुख्य रूप से जांजगीर-चांपा और सक्ती जिलों से यहां पहुंचे थे। इन सभी पर आरोप है कि उन्हें किसी लालच या बहकावे में लाकर धर्मांतरण की प्रक्रिया में शामिल किया गया था। फिलहाल पुलिस ने मौके पर उपस्थित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, इसकी तह तक जाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मकान में पिछले कई दिनों से गुप्त रूप से भीड़ जमा हो रही थी और आस-पास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य के अलग-अलग जिलों में धर्मांतरण का ऐसा नेटवर्क सक्रिय है, जो भोले-भाले ग्रामीणों और गरीब परिवारों को टारगेट कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी छानबीन की जा रही है। यदि जांच में धर्मांतरण से संबंधित कोई स्पष्ट साक्ष्य सामने आते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी जब्त की है और मकान मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। यह मामला एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करता है, जिस पर स्थानीय प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आखिर ऐसी गतिविधियाँ किस स्तर तक संगठित रूप से संचालित हो रही हैं और इसके पीछे कौन लोग हैं।