CG BREAKING: ठेकेदार के घर ED की दबिश, निकला BJP नेता का रिश्तेदार

छग

Update: 2026-06-17 17:35 GMT
Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक ठेकेदार के घर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सुबह से दबिश देकर लंबी जांच कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सीआरपीएफ जवानों की सुरक्षा में ईडी अधिकारियों की टीम ठेकेदार के आवास में प्रवेश की और पूरे दिन जांच जारी रही। जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने ठेकेदार के घर पर करीब नौ घंटे से अधिक समय तक दस्तावेजों की जांच की और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की। इस दौरान घर के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

सूत्रों के मुताबिक, जिस ठेकेदार के घर यह छापेमारी की गई है, उसका संबंध प्रदेश के एक बड़े BJP राजनीतिक नेता से बताया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी भी एजेंसी ने कोई पुष्टि नहीं की है। ईडी की टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की बारीकी से जांच की। परिवार के सदस्यों से भी अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की गई, ताकि वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके।

पूरे ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ जवानों ने सुरक्षा घेरा बनाए रखा, जिससे किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगी रही। कार्रवाई के कारण इलाके में दिनभर हलचल का माहौल बना रहा और स्थानीय लोग भी स्थिति को लेकर चर्चा करते नजर आए। हालांकि अब तक ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच के दौरान क्या दस्तावेज मिले हैं या किस मामले से यह कार्रवाई जुड़ी है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय स्तर पर यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग अलग-अलग तरह की अटकलें लगा रहे हैं। प्रशासनिक और जांच एजेंसियों की ओर से फिलहाल मामले को गोपनीय रखा गया है। ईडी की इस लंबी कार्रवाई के बाद आगे की जांच प्रक्रिया को लेकर भी नजरें टिकी हुई हैं कि मामले में क्या नया खुलासा सामने आता है। जांच के बाद शाम को कई अहम दस्तावेज लेकर टीम के अधिकारी-कर्मचारी रवाना हो गए। आरोप है कि यह जांच डीएमएफ घोटाले से जुड़ी हुई है। इस ठेकेदार के घर ईडी की जांच को लेकर शहरवासियों में तरह-तरह की चर्चाएं है। घर पर पहुंचकर टीम दस्तावेज और कागजातों की जांच पड़ताल कर रही है।

टीम के साथ फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित भारतमाला परियोजना से संबंधित बताई जा रही है। हालांकि ईडी और ईओडब्ल्यू ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फिलहाल दस्तावेज और कागजों की जांच पड़ताल चल रही है। इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। जांच के बाद ही टीम इस मामले में बयान जारी करेगी। बताया जाता है कि सुबह ईडी की टीम करीब तीन गाड़ियों में सवार होकर आमापारा वार्ड के एक घर में पहुंची। भारतमाला परियोजना के तहत यह छापा मारा गया है। धमतरी शहर सहित आमापारा वार्ड में उस वक्त हड़कम मच गया जब ईडी की टीम पहुंचने की सूचना लोगों को मिली। आमापारा वार्ड निवासी ठेकेदार दीपेश गांधी के घर ईडी की टीम तीन कार में सवार होकर सुरक्षा बलों के साथ पहुंची और अहम दस्तावेज खंगालने में जुटी रही।

मिली जानकारी के अनुसार, दीपेश का संबंध अभनपुर के कारोबारी नीरज गांधी के परिवार से है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है यह छापा भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले हो सकता है। हालांकि टीम के पहुंचने के समय दीपेश शहर से बाहर बताए गए, जिसके चलते अधिकारियों की उनसे सीधी मुलाकात नहीं हो पाई है। फिलहाल ईडी की टीम अभी भी अपने कार्रवाई में जुटी हुई है। ईडी ने प्रदेश के पांच जिलों में छापेमारी की है। इनमें रायपुर, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और अंबिकापुर शामिल है। डीएमएफ घोटाले से जुड़े कारोबारियों के यहां छापेमारी की गई है। ईडी की टीम ने रायपुर के वल्लभनगर के कारोबारी शाश्वत लुणावत, सरगुजा में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता और धमतरी में दीपेश गांधी के फर्म पर दविश दी और कागजातों की जांच पड़ताल की।
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