Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित 3000 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पूरी हो गई है। जांच एजेंसी ने गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। करीब 10 घंटे तक चली इस कार्रवाई में ED की टीम ने कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री जब्त की है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके बाद रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किए जाने की संभावना है।
रायपुर, धमतरी और दुर्ग में हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ED की टीम ने गुरुवार सुबह एक साथ रायपुर, धमतरी और दुर्ग जिले में कई स्थानों पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दायरे में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, जीडी लॉजिस्टिक्स के संचालक अनूप अग्रवाल, डॉक्टर कमलेश्वर अग्रवाल और रामगोपाल अग्रवाल के भतीजे प्रतीक अग्रवाल से जुड़े ठिकाने शामिल थे। रायपुर के रविनगर स्थित अनूप अग्रवाल के घर और कार्यालय में ED अधिकारियों ने पहुंचकर दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। टीम ने कई घंटों तक यहां मौजूद रिकॉर्ड को खंगाला।
धमतरी में भी हुई जांच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
ED की कार्रवाई धमतरी में भी जारी रही। यहां रामगोपाल अग्रवाल और उनके भतीजे प्रतीक अग्रवाल से जुड़े परिसरों में जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता रामगोपाल अग्रवाल के निवास के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। धमतरी विधायक ओंकार साहू समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के बीच जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई जारी रखी।
दुर्ग में रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर छापा
दुर्ग जिले में ED की टीम ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कारोबारी सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर भी दबिश दी। बताया जा रहा है कि ED की टीम दुर्ग के जैन गली स्थित परिसर में करीब तीन वाहनों से पहुंची थी। टीम में 12 से अधिक अधिकारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए CRPF के जवानों को भी तैनात किया गया था। ED अधिकारियों ने यहां भी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। हालांकि अभी तक जांच एजेंसी की ओर से जब्त सामग्री को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
शराब घोटाला, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में जांच
बता दें कि रामगोपाल अग्रवाल का नाम छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच में सामने आया है। इससे पहले ED ने उन्हें गिरफ्तार किया था। PMLA कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें सात दिन की ED हिरासत में भेजा था। जांच एजेंसी इन मामलों में कथित मनी ट्रेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। ED का फोकस इस बात पर है कि कथित घोटालों से जुड़े पैसों का लेन-देन किन लोगों और संस्थाओं के माध्यम से हुआ। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल ED की छापेमारी समाप्त हो चुकी है, लेकिन जांच अभी जारी रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में एजेंसी की ओर से पूछताछ और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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