CG BREAKING: 17 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध ITC के आरोप में कारोबारी गिरफ्तार

फर्जी जीएसटी बिलिंग का बड़ा मामला

Update: 2026-06-10 15:53 GMT
Raipur. रायपुर। सेंट्रल जीएसटी (CGGST) की टीम ने फर्जी बिलिंग और अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के कारोबारी जयदीप सिंह चंदेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई को हाल के समय में जीएसटी फर्जीवाड़े के खिलाफ हुई महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, जयदीप सिंह चंदेल और उनकी कंपनी मेरिडियन स्टील्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप है। सेंट्रल जीएसटी को सूचना मिली थी कि कंपनी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए बिना ही फर्जी इनवॉइस के आधार पर टैक्स लाभ प्राप्त कर रही है। सूचना मिलने के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की और कंपनी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की।
जांच के तहत 28 नवंबर 2025 को कंपनी के विभिन्न ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े प्रमाण जब्त किए। इन दस्तावेजों की जांच के बाद विभाग को कथित कर अनियमितताओं के कई संकेत मिले, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। सीजीजीएसटी अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने कथित रूप से फर्जी और अस्तित्वहीन फर्मों के नाम पर जारी बिलों का उपयोग कर करीब 15.14 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त किया। जांच में यह भी पाया गया कि जीएसटी रिटर्न के विश्लेषण के दौरान लगभग 1.98 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टैक्स लाभ का मामला भी सामने आया है। इस प्रकार कुल मिलाकर 17.13 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ITC लेने का आरोप लगाया गया है।
विभाग का कहना है कि जांच में जिन फर्मों के नाम पर टैक्स क्रेडिट लिया गया, उनमें से कई कंपनियों और संस्थानों का अस्तित्व संदिग्ध पाया गया। कुछ फर्मों के जीएसटी पंजीकरण पहले ही निरस्त किए जा चुके थे, जबकि कुछ के कारोबार को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल कर चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि फर्जी बिलिंग के माध्यम से टैक्स व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। जांच के दौरान जयदीप सिंह चंदेल का बयान भी दर्ज किया गया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने डीआरसी-03 (DRC-03) प्रक्रिया के तहत 19.98 लाख रुपये की राशि जमा कराई है। हालांकि विभाग का कहना है कि यह राशि कथित कर अनियमितताओं की तुलना में बहुत कम है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
सीजीजीएसटी अधिकारियों का मानना है कि फर्जी इनवॉइस और अवैध ITC के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं। इसलिए मामले में सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों, कारोबारी लेन-देन और संबंधित कंपनियों की गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका का भी पता लगा रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां या नए खुलासे हो सकते हैं। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि फर्जी बिलिंग के जरिए प्राप्त टैक्स लाभ का उपयोग किन-किन व्यावसायिक गतिविधियों में किया गया। सेंट्रल जीएसटी विभाग ने हाल के वर्षों में फर्जी आईटीसी और फर्जी बिलिंग के मामलों पर सख्ती बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि कर चोरी और फर्जी टैक्स क्रेडिट के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि जीएसटी प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। फिलहाल जयदीप सिंह चंदेल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। विभाग को उम्मीद है कि आगे की जांच से पूरे नेटवर्क की संरचना और वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।
Tags:    

Similar News