Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र में जिला केसीजी पुलिस टीम ने पशु तस्करी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को 4 भैंसों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 फरवरी 2026 को थाना गातापार क्षेत्रान्तर्गत पुलिस टीम ने गहन निगरानी के दौरान सदाराम घोरमरे (उम्र 60 वर्ष) पुत्र तुलसीराम घोरमरे और मोहन लाल (उम्र 60 वर्ष) पुत्र गुलाब पालेवार को खैरागढ़ की ओर से सड़क मार्ग से कत्लखाना नागपुर, महाराष्ट्र ले जाते हुए पकड़ा। आरोपियों ने 4 भैंसों को क्रूरता पूर्वक पैर और गले में रस्सी बांधकर, बिना चारा-पानी के, लाठी-डंडे से मारते हुए ले जाने का प्रयास किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार भैंसों को जप्त किया। इसमें एक काला रंग की भैंस, हल्का मुड़ा हुआ लंबा पूछ; एक भूरा रंग की भैंस, लंबा पिछे की ओर पूछ; एक काला रंग की भैंस, लंबा पिछे की ओर मुड़ा हुआ पूछ; और एक भूरा रंग की भैंस, लंबा सीधा मुड़ा हुआ पूछ शामिल थी। इन भैंसों की कुल कीमत लगभग 30,000 रुपए आंकी गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 17/2026 के तहत धारा 4, 6, 10 छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया। जप्त भैंसों और अन्य साक्ष्यों को गवाहों के समक्ष सुरक्षित किया गया।
विवेचना के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर, आदेशानुसार न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इस कार्रवाई में केसीजी पुलिस टीम का योगदान सराहनीय बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पशु तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने के लिए जिले में निरंतर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इससे न केवल पशु तस्करों में भय का माहौल बना है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों में कानून और प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की पशु तस्करी या क्रूरता की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और पशुओं के हितों की रक्षा की जा सके। इस सफलता के बाद जिले में पशु तस्करी रोकने के प्रयास और तेज किए जाएंगे और पुलिस टीम को स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।