CG: बैंककर्मी से की लूट, नाबालिग आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-09-18 13:49 GMT
Raigarh. रायगढ़। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार रात बैंककर्मी और उनकी पत्नी से हुई लूट की वारदात का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में विधि से संघर्षरत एक बालक को अभिरक्षा में लिया है और उसके पास से 13 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
कैसे हुई लूट की वारदात
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित अलेख पंडा पिता दुष्यंत पंडा (37 वर्ष), निवासी झरियापाली, एचडीएफसी बैंक घरघोड़ा में कार्यरत हैं। 17 सितंबर की रात वे अपनी पत्नी के साथ घरेलू सामान की खरीदारी कर घर लौट रहे थे। रात करीब 7.30 बजे जब दंपति छाल रोड से गुजर रहे थे, तभी एक अज्ञात युवक अचानक सामने आया और उनकी पत्नी के हाथ से पर्स छीनकर फरार हो गया। पर्स में 20 हजार रुपये नकद रखे हुए थे। इस घटना से दंपति हतप्रभ रह गए। पीड़ित अलेख पंडा ने तत्काल घरघोड़ा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 245/2025 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत अपनी टीम को जांच में लगा दिया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने अपने मुखबिरों को भी सक्रिय किया। कुछ ही घंटों में पुलिस को वारदात में शामिल एक नाबालिग के बारे में सुराग मिला। सूचना के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया और गहन पूछताछ की गई।
आरोपी ने किया कबूल
पूछताछ में नाबालिग ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। उसने पुलिस को बताया कि उसने पीड़ित महिला का पर्स छीना और उसमें रखे 20 हजार रुपये ले लिए। आरोपी ने यह भी बताया कि उसमें से 7 हजार रुपये पहले ही खर्च कर दिए हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शेष 13 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए। आरोपी को विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए किशोर न्यायालय में पेश किया गया।
टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी के अलावा पुलिस टीम के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें सहायक उप निरीक्षक रामसजीवन वर्मा, प्रधान आरक्षक पारसमणि बेहरा, आरक्षक प्रहलाद भगत और चंद्रशेखर चंद्राकर शामिल रहे। टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण घटना का खुलासा महज कुछ घंटों में हो सका।
लोगों में विश्वास बढ़ा
रायगढ़ पुलिस की इस तेज़ कार्रवाई ने न केवल पीड़ित परिवार को राहत दी बल्कि इलाके में भी एक सकारात्मक संदेश भेजा। आम लोगों का कहना है कि पुलिस ने तत्परता से काम करते हुए यह साबित कर दिया कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह नाबालिग ही क्यों न हो। थाना प्रभारी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि रात के समय सुनसान रास्तों पर सतर्क रहें और संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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