Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ मारपीट, धमकी और लूट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवकों ने खुद को क्राइम स्क्वॉड का सदस्य बताकर व्यापारी को दिनदहाड़े सड़क पर दौड़ाया और बेल्ट से उसकी पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने व्यापारी को हनीट्रैप के मामले में फंसाने की धमकी देते हुए 15 लाख रुपए की मांग भी की। इसके बाद उसका मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना में शामिल दोनों आरोपियों के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक आरोपी के पिता मंत्री टंक राम वर्मा की सुरक्षा में पदस्थ हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और पुलिस का विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।

क्राइम स्क्वॉड का नाम सुनकर खड़े रहे लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने खुद को क्राइम स्क्वॉड का सदस्य बताकर व्यापारी को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बाद व्यापारी के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। व्यापारी ने बचने के लिए सड़क पर भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसका पीछा किया और बेल्ट से पिटाई की। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग आरोपियों को पुलिस से जुड़ा समझकर हस्तक्षेप नहीं कर सके।

हनीट्रैप में फंसाने की धमकी देकर मांगे 15 लाख
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप व्यापारी को हनीट्रैप में फंसाने की धमकी देकर बड़ी रकम मांगने का है। आरोपियों ने कथित तौर पर व्यापारी से 15 लाख रुपए देने को कहा। रकम नहीं देने पर उसे हनीट्रैप के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। यह मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं, बल्कि पुलिस का नाम इस्तेमाल कर धमकाने और जबरन रकम वसूलने के प्रयास से भी जुड़ा बताया जा रहा है।

मोबाइल और नकदी लेकर भागने का आरोप
व्यापारी के साथ मारपीट और धमकी देने के बाद दोनों युवक कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गए। पीड़ित ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। दोनों आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना है, लेकिन उनकी पहचान, गिरफ्तारी की परिस्थितियों और लूटी गई रकम की पुष्टि नहीं हुई है।

एक आरोपी के पिता मंत्री की सुरक्षा में पदस्थ होने का दावा
इस प्रकरण में एक और दावा सामने आया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपियों में से एक के पिता मंत्री की सुरक्षा में पदस्थ हैं। हालांकि, आरोपी के पिता की पदस्थापना और इस घटना से उनके किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। केवल पारिवारिक संबंध के आधार पर उनकी संलिप्तता नहीं मानी जा सकती। फिलहाल मामले में पुलिस की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही आरोपियों की पहचान, घटना के कारण और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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