Raipur/New Delhi. रायपुर/नई दिल्ली। श्रावण मास के पावन अवसर पर रायपुर के सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने अपने नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर सुंदरकांड पाठ एवं प्रसाद वितरण का भव्य आयोजन किया। इस धार्मिक आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और संस्कार की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध कथा वाचक अजय भाई द्वारा सुंदरकांड के पाठ से हुई। सुंदरकांड पाठ के दौरान माहौल भक्तिमय हो गया और उपस्थित जनसमुदाय भगवान हनुमान की स्तुति में भावविभोर होता रहा। आयोजन में न केवल धार्मिक श्रद्धा देखने को मिली, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक समागम का भी उदाहरण बना।
केंद्रीय मंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें केंद्र सरकार के कई मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। जिनमें प्रमुख नाम हैं:
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
भाजपा के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल
पूर्व राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा
वरिष्ठ भाजपा नेता सुधांशु मित्तल
दिल्ली की पूर्व महापौर आरती मेहरा
दिल्ली भाजपा संगठन महामंत्री विष्णु मित्तल
इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और भी बढ़ा दी। उपस्थित अतिथियों ने सुंदरकांड पाठ के बाद प्रसाद ग्रहण कर आयोजन को सफल बनाया।
बृजमोहन अग्रवाल ने दिया धार्मिक एकता का संदेश
इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्रावण मास शिवभक्ति और साधना का समय है। सुंदरकांड का पाठ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और सद्भावना फैलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य होता है। उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में जिन-जिन लोगों ने सहयोग किया, वे सराहना के पात्र हैं।
सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का उदाहरण
इस धार्मिक आयोजन ने दिल्ली में छत्तीसगढ़ की उपस्थिति और संस्कृति को एक बार फिर दर्शाया। दिल्ली में रहने वाले छत्तीसगढ़ के कई सामाजिक प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी इसमें भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को हनुमान जी का प्रसाद वितरित किया गया। इस तरह यह आयोजन एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम भी बना।